
The live ink desk. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल से उपजे स्वास्थ्य संकट ने एक और परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से पीड़ित एक महिला की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई, जिससे इस जलजनित घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।
किडनी फेल होने से महिला की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 49 वर्षीय सुनीता वर्मा, निवासी फर्जी वाली गली, को 7 जनवरी को गंभीर अवस्था में एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूषित पानी के सेवन से उनकी किडनी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। लगातार बिगड़ती हालत के बीच शनिवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा।
हालात में आंशिक सुधार, मरीजों की संख्या घटी
भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित संक्रमण के बाद स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नए मरीजों की संख्या में कमी आई है और उपचार के बाद कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि शनिवार को ओपीडी में डायरिया के 27 मरीज पहुंचे, जिनमें से 5 को उच्च उपचार के लिए रेफर किया गया। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 41 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 12 की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया क्षेत्र का निरीक्षण
जल संकट के मद्देनज़र राज्य के अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई एवं अनुपम राजन ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जल आपूर्ति, स्वच्छता, ड्रेनेज सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश दिए।
स्वास्थ्यवर्धन अभियान के तहत घर-घर सर्वे
स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा में ‘अभियान स्वास्थ्यवर्धन’ के अंतर्गत व्यापक स्तर पर सेवाएं शुरू की हैं। गैर संचारी रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की निगरानी के लिए 51 स्वास्थ्य दल गठित किए गए, जिनमें आशा कार्यकर्ता, एएनएम और नर्सिंग छात्र शामिल हैं। 204 सदस्यों की इन टीमों ने घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की।
जांच, परामर्श और दवाओं का निःशुल्क वितरण
अभियान के दौरान एनीमिया की जांच, शुगर और रक्तचाप की जांच, वजन-ऊंचाई माप और उल्टी-दस्त से उबर चुके मरीजों का फॉलोअप किया गया। साथ ही लोगों को उपचार संबंधी परामर्श दिया गया। कुल 1018 घरों का सर्वे कर प्रत्येक परिवार को ओआरएस और जिंक किट वितरित की गई, जिनमें 10 ओआरएस पैकेट और 30 जिंक गोलियां शामिल हैं।
24×7 स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस तैनात
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में तीन एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और चिकित्सकों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। गंभीर मरीजों को एमवाय अस्पताल, अरविंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को भी निःशुल्क जांच और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं।
लोगों से संयम और सतर्कता की अपील
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में जागरूकता सामग्री का वितरण कर उल्टी-दस्त से बचाव के उपाय बताए हैं। अधिकारियों ने लोगों से भयमुक्त रहते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। यह अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।




