माघ मेला 2026: मुख्य स्नान पर्वों पर एंबुलेंस को छोड़ सभी के वाहन प्रतिबंधित

यातायात और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध, सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए निर्देश
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). माघ मेला 2026 के द्वितीय और तृतीय मुख्य स्नान पर्व—मकर संक्रांति (15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन ने व्यापक यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। 13 जनवरी शाम 8 बजे से 19 जनवरी रात 12 बजे तक या मेला क्षेत्र की भीड़ समाप्त होने तक प्रशासनिक और चिकित्सकीय वाहनों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी वाहन का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
मुख्य पार्किंग और मार्ग डायवर्जन
- शहर/कानपुर/लखनऊ मार्ग: श्रद्धालु प्लाट नं. 17, गल्ला मंडी और नागवासुकी पार्किंग में वाहन पार्क कर पैदल संगम घाटों तक पहुंच सकेंगे। स्नान के बाद अक्षयवट मार्ग, त्रिवेणी मार्ग और रिवर फ्रंट मार्ग से पार्किंग लौटकर गंतव्य तक जा सकेंगे।
- जौनपुर/वाराणसी मार्ग: ओल्ड जीटी कछार, महुआबाग और सोहम आश्रम पार्किंग से श्रद्धालु पैदल मार्गों के माध्यम से संगम घाटों पर स्नान करेंगे और वापसी के लिए तय मार्ग का उपयोग करेंगे।
- मिर्जापुर-रीवा मार्ग: देवरख कछार, गंजिया और नव प्रयागम् पार्किंग से पैदल मार्गों द्वारा अरैल और सोमेश्वर घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
पान्टून पुल और नो व्हीकल ज़ोन
संगम क्षेत्र में पान्टून पुलों पर एकल मार्ग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परेड से झूसी की ओर जाने के लिए पान्दून पुल नं. 3, 5 और 7 और झूसी से परेड की ओर आने के लिए पुल नं. 4 और 6 का उपयोग होगा। पान्टून पुल नं. 1 और 2 रिजर्व रखे गए हैं।
मेला क्षेत्र के सभी संगम स्नान घाटों पर वाहन लाना और पार्किंग करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। माघ मेला क्षेत्र नो व्हीकल ज़ोन रहेगा और अक्षयवट दर्शन बंद रहेगा।
प्रशासनिक ने दिए सख्त निर्देश
- श्रद्धालुओं का आवागमन पैदल मार्गों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
- पार्किंग स्थल से संगम घाटों तक आसान और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जाए।
- भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए सतत निगरानी रखी जाए।
- केवल प्रशासनिक और चिकित्सकीय वाहनों को मेला क्षेत्र में अनुमति होगी।



