यूपी गैंगस्टर एक्टः सुप्रीम कोर्ट से अब्बास अंसारी को नियमित जमानत

The live ink desk. उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक मामले में उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया। इससे पहले न्यायालय ने 7 मार्च, 2025 को अब्बास अंसारी को अंतरिम जमानत प्रदान की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने 31 जनवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि चित्रकूट में कथित गिरोह संचालन से संबंधित एक एफआईआर को पहले ही निरस्त किया जा चुका है, इसके बावजूद उसी प्रकृति का एक और मामला दर्ज किया जाना कानून की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि अब्बास अंसारी अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होते रहे हैं, लेकिन हाल में प्रशासन की ओर से उन्हें शारीरिक रूप से पेश किए जाने की बात कही गई। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आशंका जताई कि उन्हें कोर्ट लाने-ले जाने के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने पूर्व में हुई कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेशी की अनुमति देने की मांग की।
हालांकि, उस समय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि याचिका में इस संबंध में कोई विशिष्ट प्रार्थना नहीं की गई है, इसलिए इस पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय का रुख करने की सलाह दी थी।
अब नियमित जमानत मिलने के बाद अब्बास अंसारी को इस मामले में फिलहाल राहत मिली है, जबकि प्रकरण से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्यवाही जारी रहेगी।


