
The Live ink desk. भारतीय तटरक्षक बल ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना तटीय क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा का उल्लंघन करने के आरोप में 24 बांग्लादेशी मछुआरों को पकड़ा है। सभी को आवश्यक कार्रवाई के बाद राज्य पुलिस की तटीय शाखा के हवाले कर दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय के पूर्वी कमान मुख्यालय के अनुसार, सोमवार तड़के नियमित समुद्री गश्त के दौरान तटरक्षक बल के एक पोत ने भारतीय जलसीमा के भीतर एक संदिग्ध बांग्लादेशी मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर को देखा। संदेह होने पर पोत ने उसका पीछा किया और भारतीय समुद्री क्षेत्र में ही उसे रोक लिया। प्रारंभिक जांच के बाद मछुआरों को फ्रेजरगंज स्थित कोस्टल पुलिस थाने को सौंप दिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार मछुआरों ने दावा किया कि घने कोहरे के कारण दिशा भ्रमित हो गई और वे अनजाने में भारतीय जलसीमा में प्रवेश कर गए। हालांकि, पुलिस और तटरक्षक बल के अधिकारियों का कहना है कि इस दावे की गहन जांच की जा रही है। मछुआरों के पास अपनी पहचान या वैध दस्तावेज भी नहीं पाए गए हैं।
तटरक्षक बल के प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय पेट्रोलिंग टीम की रिपोर्ट के अनुसार ये मछुआरे पहले भी भारतीय जलक्षेत्र में देखे जा चुके हैं। आरोप है कि ये लोग तटीय क्षेत्र में निगरानी कम होने का फायदा उठाकर बार-बार सीमा का उल्लंघन करते रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद इन पर विशेष नजर रखी जा रही थी।
एक वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के अवैध उल्लंघन के आरोप में सभी मछुआरों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें मंगलवार को संबंधित जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीते कुछ महीनों में भारतीय तटरक्षक बल ने अवैध रूप से भारतीय जलसीमा में प्रवेश के मामलों में 100 से अधिक बांग्लादेशी मछुआरों को हिरासत में लिया है। इनमें से कुछ को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद रिहा किया गया, जबकि कई मामलों की सुनवाई काकद्वीप न्यायालय में जारी है।
18 दिसंबर को भी धरे गए थे 35 बांग्लादेशी मछुआरे
इससे पूर्व 18 दिसंबर 2025 को 35 बांग्लादेशी मछुआरों को गिरफ्तार कर दो ट्रॉलर जब्त किए गए थे। वहीं 15 दिसंबर 2025 को एक बांग्लादेशी नौसैनिक पोत द्वारा भारतीय जलसीमा में प्रवेश के दौरान काकद्वीप के मछुआरों के ट्रॉलर से टक्कर की घटना सामने आई थी, जिसमें 11 मछुआरे सुरक्षित बच गए थे, जबकि पांच लापता हो गए थे। बाद में डूबे ट्रॉलर को मोयनापाड़ा घाट पर लाया गया।
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमावर्ती इलाकों, विशेषकर दक्षिण 24 परगना जिले में, भारतीय तटरक्षक बल और राज्य पुलिस की तटीय इकाइयों ने निगरानी और सतर्कता और अधिक बढ़ा दी है।


