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मौनी अमावस्या: आस्था के महासागर में 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम तक लगभग 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्ति के साथ गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की भागीदारी ने मेले को ऐतिहासिक बना दिया।

मेला प्रशासन के अनुसार सुबह आठ बजे तक एक करोड़ तीन लाख, 12 बजे तक तीन करोड़ 15 लाख, शाम चार बजे तक 3 करोड़ 82 लाख एवं छह बजे तक 4 करोड़ 36 लाख लोगों ने स्नान किया। इस प्रकार मौनी अमावस्या का स्नान पर्व सकुशल एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं माघ मेले के सुव्यवस्थित संचालन हेतु प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी वरिष्ठ अधिकारी कल रात्रि से ही मेला क्षेत्र में डटे रहे और निरंतर भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

इस दौरान ADG ज्योति नारायण, IG अजय मिश्र, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डा. अजयपाल शर्मा, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, एसपी मेला नीरज पांडेय लगातार भ्रमण करते रहे। मौनी अमावस्या पर भारी जनसैलाब के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत किया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने संगम तट और आसपास के रास्तों पर तैनाती की, वहीं हेल्थ टीम और आपातकालीन सेवाएं भी सक्रिय रही। प्रशासन ने यात्रियों के लिए सफाई, कपड़ा बदलने के स्थान और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों का इंतजाम सुनिश्चित किया।

श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति

श्रद्धालुओं ने सुबह से ही घाटों पर अपनी आस्था का प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई लोग अपने परिवारों के साथ आए, तो कई साधु-संतों और तीर्थयात्रियों ने विशेष पूजा और मंत्रोच्चारण के साथ स्नान किया। भक्तों ने कहा कि मौनी अमावस्या का यह स्नान उनके जीवन में आध्यात्मिक शांति और स्वास्थ्य की कामना का अवसर है।

पर्यटन और आर्थिक प्रभाव

माघ मेले और मौनी अमावस्या के दौरान शहर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय व्यापार, होटलों और परिवहन सेवा को भी आर्थिक लाभ हुआ। प्रशासन ने यातायात, पार्किंग और सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों के लिए सुविधा केंद्र स्थापित किए, जिससे आयोजन सुचारू और व्यवस्थित रहा।

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