
The live ink desk. हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने सीजन की पहली व्यापक और तीव्र बर्फबारी कराई है, जिससे पहाड़ी राज्य का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी शिमला सहित ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रहे हिमपात ने सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
आवाजाही के लिए 452 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में कुल 452 सड़कें आवाजाही के लिए बंद हो चुकी हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे अधिक असर लाहौल-स्पीति जिले में देखा गया है, जहां अकेले 290 सड़कें अवरुद्ध हैं। शिमला जिले में भी कई प्रमुख मार्ग बंद हैं, जिससे शिमला–रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, शिमला–रोहड़ू और शिमला–चौपाल मार्ग ठप हो गए हैं और अप्पर शिमला का राजधानी से संपर्क टूट गया है। कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर और खिड़की क्षेत्रों में भारी बर्फ जमने और फिसलन के कारण वाहन चलाना पूरी तरह असंभव हो गया है। शिमला शहर के भीतर भी कार्ट रोड, ढली, संजौली, टुटीकंडी और विकासनगर जैसी प्रमुख सड़कों पर यातायात ठप है।
4272 ट्रांसफार्मर से सप्लाई ठप
बर्फबारी का सबसे व्यापक प्रभाव बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। प्रदेश में 4274 बिजली ट्रांसफार्मर काम करना बंद कर चुके हैं, जिससे बड़ी संख्या में गांवों और शहरी इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। मंडी जिले में 1400 से अधिक, चंबा में 700 से ज्यादा, कुल्लू और सिरमौर में 600-600 से अधिक तथा ऊना में 500 से ज्यादा ट्रांसफार्मर ठप बताए गए हैं। तेज हवाओं और गिरते तापमान ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है।
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन जारी
परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति के लिए 112 और 0177-2812344 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अप्पर शिमला, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के बर्फ प्रभावित क्षेत्रों में कई रूटों पर बस सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
हिमपात के साथ तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक शिमला में 0.6 सेंटीमीटर, मनाली में 4.8, कुफरी और केलांग में 4-4, भरमौर में 4, कुकुमसेरी में 6.8 और कोठी में 15 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। विभाग ने कई इलाकों में भारी वर्षा और हिमपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर शीत दिवस और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। अगले दो दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहने के आसार हैं।
कई हिस्से में तापमान शून्य के नीचे
वहीं 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की भी संभावना बताई गई है। इसी बीच प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे या उसके आसपास दर्ज किया गया है। कुफरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.3, कुकुमसेरी में माइनस 2.8, नारकंडा में माइनस 3.5, तबो में माइनस 4.2, मशोबरा में माइनस 0.9 और कल्पा में माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि शिमला में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच गया है।




