डीएम के निरीक्षण में खुली पोल, ठीक नहीं है लालगंज तहसील की कार्यशैली

पेशकार की कार्यप्रणाली असंतोषजनक, कई फाइलों में नहीं मिले प्रार्थनापत्र, आदेश भी टाइप नहीं किए गए
प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). लालगंज तहसील स्थित राजस्व न्यायालय में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी के औचक एवं सघन निरीक्षण ने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान न्यायालयीन कार्यों, लंबित मामलों और अभिलेखों के रख-रखाव में गंभीर कमियां सामने आने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील के विभिन्न पटलों, भूलेख अनुभाग, खतौनी कक्ष, पट्टा रजिस्टर, आय व जाति प्रमाण पत्र पटल, नजारत, रिकॉर्ड रूम और राजस्व न्यायालय से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। एसडीएम कोर्ट में चल रहे राजस्व वादों—धारा 76, 38, 116, 176, 133 और 80—की पत्रावलियों का परीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच में पाया गया कि पेशकार की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। कई फाइलों में प्रार्थना पत्र संलग्न नहीं थे, जबकि अनेक मामलों में लेखपाल के बयान दर्ज होने के बावजूद आदेश महीनों से टाइप नहीं किए गए थे। कुछ पत्रावलियों में लेखपाल के हस्ताक्षर तक नहीं मिले। इसके अलावा, अंतिम अवसर दिए जाने के बाद भी कई वादों का निस्तारण नहीं किया गया था। इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए पेशकार रमेश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के लिए पूर्व से तिथि निर्धारित होने के बावजूद उपजिलाधिकारी और तहसीलदार द्वारा निरीक्षण बुकलेट का अवलोकन नहीं किया गया, जिसे जिलाधिकारी ने गंभीर प्रशासनिक चूक माना। इस पर उपजिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। उपजिलाधिकारी न्यायिक कोर्ट में भी कमियां मिलने पर पेशकार सुरेंद्र कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया।
अभिलेखागार के निरीक्षण में रिकॉर्ड के रख-रखाव में गड़बड़ियां पाए जाने पर अभिलेखागार प्रभारी महेश चंद्र तिवारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, तहसील के राजस्व कार्यालय में पत्रावलियों की अव्यवस्था और साफ-सफाई की कमी पर राजस्व निरीक्षक अमृत लाल और राम सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए गए।
तहसीलदार न्यायालय की पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निस्तारण तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए। तहसील परिसर में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर उपजिलाधिकारी लालगंज को एक माह के भीतर सभी कमियां दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायिक कार्यों में समयबद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का नैतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दायित्व भी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

