माघी पूर्णिमाः कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष यातायात प्लान

माघ मेला क्षेत्र से घर लौटेंगे कल्पवासी, प्रशासन ने तय किए मार्ग
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). माघ मेला–2026 के अंतर्गत माघी पूर्णिमा पर्व 1 फरवरी को पड़ने के मद्देनज़र कल्पवासियों की सुगम और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने विस्तृत यातायात योजना लागू की है। मेला प्रशासन के मुताबिक इस दिन बड़ी संख्या में कल्पवासी अपने-अपने गंतव्यों के लिए प्रस्थान करेंगे, जिसे देखते हुए मेला क्षेत्र से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए मार्गों का निर्धारण किया गया है।
जौनपुर और वाराणसी मार्ग के लिए अलग व्यवस्था
जौनपुर की ओर जाने वाले कल्पवासियों के हल्के वाहन सहसों–अंदावा होते हुए गारापुर मार्ग से झूंसी मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, जबकि वापसी ओल्ड जीटी रोड से कराई जाएगी। इसी प्रकार वाराणसी मार्ग के वाहनों को भी निर्धारित डायवर्जन के जरिए झूंसी मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा और वापसी में ओल्ड जीटी मार्ग का उपयोग होगा।
मिर्जापुर, रीवां और चित्रकूट जाने वालों के लिए रूट प्लान
मिर्जापुर, रीवां और चित्रकूट दिशा में जाने वाले वाहनों को शहर के प्रमुख चौराहों और फ्लाईओवर से होते हुए रिवर फ्रंट मार्ग के जरिए झूंसी मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाएगा। वापसी के समय यही वाहन शास्त्री ब्रिज और जीटी मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे।
कानपुर, प्रयागराज शहर और लखनऊ मार्ग पर डायवर्जन
कानपुर और प्रयागराज शहर की ओर जाने वाले कल्पवासियों के वाहन ओल्ड जीटी मार्ग और पांटून पुलों के माध्यम से मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं लखनऊ, प्रतापगढ़ और अयोध्या मार्ग के लिए चंद्रशेखर आजाद सेतु, रिवर फ्रंट मार्ग और विभिन्न वैकल्पिक डायवर्जन तय किए गए हैं, ताकि यातायात दबाव को संतुलित रखा जा सके।
सेक्टरवार कल्पवासियों के लिए अलग निकासी योजना
मेला क्षेत्र के सेक्टर 7 में ठहरे कल्पवासियों की वापसी अरैल बांध रोड और नवप्रयागम पार्किंग मार्ग से होगी। वहीं सेक्टर 1 और 2 के कल्पवासियों को ले जाने वाले वाहन परेड मेला क्षेत्र से होकर अपने शिविरों तक पहुंचेंगे और वापसी त्रिवेणी मार्ग से कराई जाएगी।
स्नानार्थियों के लिए क्षेत्रवार पार्किंग व्यवस्था
माघी पूर्णिमा के मुख्य स्नान पर्व पर परेड, झूंसी और अरैल क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालु इन्हीं पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल निर्धारित मार्गों से स्नान घाटों तक पहुंच सकेंगे।
भीड़ समाप्त होने के बाद ही वाहनों की वापसी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कल्पवासियों के सभी प्रकार के वाहनों की वापसी पैदल श्रद्धालुओं की भीड़ समाप्त होने और पुलिस प्रशासन की घोषणा के बाद ही कराई जाएगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और कल्पवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात योजना का पालन कर प्रशासन को सहयोग दें, ताकि माघ मेला का समापन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से हो सके।

