भागीरथपुरा में लगातार सामने आ रहे गंभीर मामले
The live ink desk. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी ने एक बार फिर जान ले ली। शुक्रवार को उपचाराधीन एक बुजुर्ग की मौत के बाद इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। क्षेत्र में पिछले एक माह से जलजनित बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर लगातार दबाव बना हुआ है।
लंबे इलाज के बाद नहीं बच सके बुजुर्ग मरीज
मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार न होने पर दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। करीब एक माह तक चले इलाज के दौरान उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही और वे लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम परिजन उन्हें घर ले गए, जहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
मल्टी ऑर्गन फेल्योर बन रहा जानलेवा कारण
चिकित्सकों के अनुसार दूषित पानी के कारण मरीजों में संक्रमण तेजी से फैला, जिससे कई मामलों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी। एकनाथ सूर्यवंशी की किडनियां और लिवर पूरी तरह प्रभावित हो चुके थे, जबकि बीमारी का असर हृदय और मस्तिष्क तक पहुंच गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संक्रमण में समय पर शुद्ध जल आपूर्ति और प्रारंभिक इलाज बेहद जरूरी है।
इलाज जारी, हालात में धीरे-धीरे सुधार
इस घटना के बाद क्षेत्र में मृतकों की कुल संख्या 31 हो चुकी है। वहीं, अब तक 450 से अधिक मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से तीन आईसीयू में उपचाराधीन हैं। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे सक्रिय है और एम्बुलेंस की तैनाती भी की गई है। हालात में सुधार के संकेत हैं, लेकिन भय और असमंजस का माहौल अब भी बना हुआ है।

