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दुनिया की एक चौथाई GDP को प्रभावित करता है कि भारत-EU समझौताः गोयल

केंद्रीय मंत्री ने कहा, भारत के लिए खुलेंगे बड़े अवसर, विश्व अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाएगा भारत–यूरोपीय संघ समझौता

नई दिल्ली. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक व्यापार पर गहरा असर डालने वाला है। यह समझौता दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी को कवर करता है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के करीब 25 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करता है। ग्रेटर नोएडा में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित विश्व लेखा मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिदृश्य में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

यूरोप का विशाल बाजार, भारत के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं

मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ अकेले ही प्रतिवर्ष करीब 10 ट्रिलियन डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का आयात करता है। उन्होंने बताया कि भारत की मौजूदा हिस्सेदारी इस विशाल बाजार में अभी सीमित है, जबकि संभावनाएं कहीं अधिक हैं। भारत के निर्यातकों और सेवा प्रदाताओं के लिए यह समझौता नए द्वार खोल सकता है और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगा।

चार वर्षों में आठ एफटीए, वैश्विक एकीकरण की तेज रफ्तार

पीयूष गोयल ने बताया कि बीते चार वर्षों में भारत ने आठ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ देश के गहरे जुड़ाव को दर्शाते हैं। इनमें यूरोपीय संघ, ईएफटीए देश, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई और ओमान जैसे महत्वपूर्ण साझेदार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय युवाओं, पेशेवरों और उद्यमियों को वैश्विक मंच पर नए अवसर मिल रहे हैं।

चिली से एफटीए और निवेश प्रतिबद्धताओं पर जोर

मंत्री ने जानकारी दी कि भारत शीघ्र ही चिली के साथ मुक्त व्यापार समझौता करेगा, जिससे महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। ईएफटीए देशों के साथ हुए समझौते के तहत भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है, जिससे बुनियादी ढांचे, नवाचार और विनिर्माण को गति मिलने के साथ लाखों रोजगार सृजित होने की संभावना है।

वैश्विक अनिश्चितता में भी भारत की आर्थिक मजबूती

वैश्विक अस्थिरता के दौर का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि मौजूदा समय अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारत मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक आधार के कारण स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कम महंगाई, मजबूत बैंकिंग प्रणाली और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार के चलते भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में पेशेवरों की भूमिका

मंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की अहम भूमिका रेखांकित की। उन्होंने कहा कि यह पेशा न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत और दुनिया के बीच सेतु का काम करेगा। निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सीए समुदाय की भूमिका निर्णायक होगी।

वैश्विक मंच पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की पहचान

पीयूष गोयल ने बताया कि 184 शाखाओं और दर्जनों देशों में कार्यरत लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की व्यावसायिक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पेशेवरों से बड़े सपने देखने, अंतरराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठाने और भारत की आर्थिक यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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