
The live ink desk. दिल्ली के साकेत स्थित विशेष अदालत ने लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 13 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। अदालत ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर अगली सुनवाई भी 13 फरवरी को तय की है।
प्रवर्तन निदेशालय ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अल फलाह यूनिवर्सिटी पर राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता मिलने का झूठा दावा कर छात्रों और अन्य पक्षों को गुमराह करने का आरोप है। ईडी ने इस प्रकरण में विश्वविद्यालय से जुड़ी संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किए जाने की पुष्टि भी की है।
गौरतलब है कि जावेद अहमद सिद्दीकी को 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी उस समय जांच के दायरे में आई, जब लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार किए गए तीन डॉक्टरों के तार विश्वविद्यालय से जुड़े पाए गए। इसके बाद ईडी ने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज की और विश्वविद्यालय प्रबंधन को कठघरे में खड़ा किया।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की निगाहें अब 13 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।



