हंगामा, हो-हल्ला बढ़ने पर पहले अस्थाई फिर दिनभर के लिए स्थगित की गई कार्यवाही
The live ink desk. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के वक्तव्य ने एक बार फिर सदन का तापमान बढ़ा दिया। पूर्वी लद्दाख से जुड़े संदर्भ पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही पहले अस्थायी रूप से और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बाद दोपहर तीन बजे कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अमर्यादित आचरण का हवाला देते हुए छह विपक्षी सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। ध्वनिमत से पारित प्रस्ताव के तहत मणिकम टैगोर, राजा वारिंग, गुरजीत औजला, हिबी ईडन, किरन रेड्डी और वेंकट रमन को सत्र की शेष कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया।
इससे पहले दिन में कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। दोपहर में सदन की बैठक शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण तक ही सीमित रहते हुए अपनी बात रखें।
राहुल गांधी ने एक पत्रिका में प्रकाशित लेख का उल्लेख करते हुए उसकी प्रति सदन में रखी, जो पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर आधारित बताई गई। इसी संदर्भ को आगे बढ़ाने की कोशिश पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई।
किरेन रिजिजू ने कहा कि जिस विषय पर अध्यक्ष पहले ही निर्णय दे चुके हैं, उसे परोक्ष रूप से भी दोहराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें बोलने से रोका जा रहा है।
तेज बहस और लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।



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