US ट्रेड डील पर मायावती ने कहा- अमल के बाद होगा फायदे का आकलन

लखनऊ (विजय मिश्र). भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय सुप्रीमो मायावती ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की खबर पर उन्होंने इसे सीधे तौर पर देशहित में मानने से पहले ठोस जानकारी और व्यवहारिक परिणामों की आवश्यकता बताई।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अनेक शर्तों के साथ हुए आपसी समझौते के बाद टैरिफ में कटौती की खबर को लेकर उत्साह तो दिखाया जा रहा है, लेकिन इसके वास्तविक प्रभावों का मूल्यांकन बिना पूरी जानकारी के करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते का सही आकलन तभी संभव है, जब उसका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन शुरू हो जाए।
बसपा प्रमुख ने विशेष तौर पर यह सवाल उठाया कि इस समझौते से देश के बहुजन समाज, गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं को वास्तविक लाभ होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे वर्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का आंकलन किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
मायावती ने केंद्र सरकार की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस व्यापार समझौते से जुड़ी शर्तों, लाभ और संभावित नुकसान पर संसद सत्र के दौरान ही विस्तार से चर्चा की जाती, तो देश की जनता को सही और पारदर्शी जानकारी मिल पाती। इससे भ्रम की स्थिति भी नहीं बनती और जनहित से जुड़े पहलुओं पर खुलकर विमर्श संभव होता।
उन्होंने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय समझौते केवल आंकड़ों और प्रतिशतों से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक असर से परखे जाने चाहिए। बसपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस तेज होती जा रही है।



