संगम की पवित्र लहरों में विलीन हुईं अजित पवार की अस्थियां

परिवार और नेताओं ने विधि-विधान से अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अंतिम यात्रा का एक भावपूर्ण अध्याय रविवार को त्रिवेणी संगम पर पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूरा हुआ। उनके पुत्र जय पवार और बहू सहित परिवार के अन्य सदस्य प्रयागराज पहुंचे और संगम के पावन जल में उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
तीर्थ पुरोहितों ने करवाया अस्थि विसर्जन
अजित पवार के परिवार के सदस्य वीआईपी घाट से स्टीमर द्वारा संगम तक पहुँचे। यहां तीर्थ पुरोहितों – राजेश तिवारी, गोविंद मिश्रा और अंकुश शर्मा ने विधिपूर्वक पूजन कर अंतिम संस्कार की रस्मों का निर्वाह किया गया। जय पवार ने कलश को हाथ में लेकर नंगे पांव संगम तट तक यात्रा की और पूरे परिवार के साथ मिलकर अस्थियों का विसर्जन किया। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम थीं।
प्रशासनिक इंतजाम और नेताओं की उपस्थिति
जिला प्रशासन ने संगम तट पर विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए। पुणे से प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे जय पवार का स्थानीय नेताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद सड़क मार्ग से उन्हें संगम घाट तक लाया गया।
घाट पर संपन्न पूजन के बाद जेटी के माध्यम से अस्थियों का विसर्जन किया गया। एनसीपी के स्थानीय नेता और समर्थक भी इस कलश यात्रा में शामिल रहे, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और अधिक गरिमामय और भावपूर्ण बन गई।


