
भारत–फ्रांस रक्षा साझेदारी को नई धार, मिसाइल सौदे से बढ़ेगी वायुसेना की मारक शक्ति, 3200 करोड़ रुपये का है प्रस्ताव
The live ink desk. भारत अपनी वायु शक्ति को और अधिक घातक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाने की तैयारी में है। भारत और फ्रांस के बीच लगभग 3200 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत चल रही है, जिसके तहत भारतीय वायुसेना फ्रांस से अत्याधुनिक SCALP क्रूज मिसाइलों की बड़ी खेप खरीदने की योजना बना रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, सौदे के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर चर्चा अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर में परखी गई SCALP की सटीकता
SCALP मिसाइल की मारक क्षमता और सटीकता का प्रभावी प्रदर्शन पिछले वर्ष ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान सामने आया था। भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों से दागी गई इन मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान के भीतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। मुरीदके और बहावलपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित ठिकानों पर किए गए इन सटीक हमलों में आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था।
राफेल स्क्वाड्रनों की स्ट्राइक क्षमता होगी और मजबूत
वायुसेना अपनी मौजूदा राफेल फ्लीट की ताकत बढ़ाने के लिए SCALP मिसाइलों की अतिरिक्त संख्या शामिल करना चाहती है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल पाकिस्तान वायुसेना के सैन्य ठिकानों के खिलाफ भी किया गया था, जहां 12 प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इन हमलों में जमीन पर खड़े लड़ाकू और निगरानी विमानों को गंभीर क्षति पहुंची थी, जिससे SCALP की गहरी मारक क्षमता स्पष्ट हुई।
Meteor मिसाइल और राफेल मरीन का एकीकरण
SCALP के साथ-साथ भारतीय वायुसेना राफेल विमानों के लिए Meteor हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की बड़ी खरीद पर भी विचार कर रही है। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन विमानों में भी एकीकृत किया जाएगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी अगले तीन से चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की संभावना है।
114 अतिरिक्त राफेल विमानों का प्रस्ताव
क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और राफेल विमानों के सिद्ध प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय वायुसेना 114 और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का प्रस्ताव आगे बढ़ा रही है। इस प्रस्ताव को शीघ्र ही डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) के समक्ष रखा जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का आकलन है कि अगले 10 से 15 वर्षों में राफेल विमान वायुसेना की प्रमुख ताकत बनेंगे और इनकी कुल संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच सकती है।
कुल मिलाकर, फ्रांस के साथ प्रस्तावित SCALP मिसाइल सौदा न केवल भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा, बल्कि भारतीय वायुसेना की गहरी स्ट्राइक क्षमता को भी निर्णायक बढ़त प्रदान करेगा।


