यूपी बोर्ड परीक्षा की उलटी गिनती शुरू, परीक्षाएं 18 फरवरी से

12 मार्च तक होंगी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम अंतिम रूप दे दिया है। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही समयावधि में 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष भी परीक्षाओं के संचालन में सख्ती और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल (कक्षा 10) में कुल 27,50,945 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि इंटरमीडिएट (कक्षा 12) में 24,79,352 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इस प्रकार, प्रदेशभर में लगभग साढ़े बावन लाख से अधिक परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा देंगे।
यूपी बोर्ड की ये परीक्षाएं प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी हैं, ऐसे में प्रशासन का फोकस पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और नकलमुक्त परीक्षा आयोजन पर केंद्रित है।
परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी निगरानी पर जोर
नकलविहीन और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी अनिवार्य की गई है। कैमरों की लाइव फीड पर संबंधित अधिकारी नजर रखेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके।
कक्ष निरीक्षकों के लिए QR कोड युक्त पहचान पत्र
परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कक्ष निरीक्षकों की पहचान और उपस्थिति की पुष्टि के लिए QR कोड युक्त परिचय पत्र जारी किए गए हैं। ये आईडी कार्ड 10 फरवरी को पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि सभी कक्ष निरीक्षक समय रहते अपना परिचय पत्र डाउनलोड कर लें।
12 फरवरी तक तैनाती पूरी करने के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 12 फरवरी तक सभी परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी केंद्र पर स्टाफ की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्पक्ष परीक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और अन्य कार्मिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।


