US-Israel हमलों के विरोध में नागरिक समाज का प्रदर्शन, संघर्ष पर जताई चिंता

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों के विरोध में मंगलवार को शहर में नागरिक समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास धरना स्थल पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में वक्ताओं ने अमेरिकी और इज़राइली नीतियों की आलोचना करते हुए क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई।
कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिकारी गीत ‘ज़ालिम वापस जाओ’ के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि हाल के सैन्य हमलों से पश्चिम एशिया में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका है तथा इससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ट्रेड यूनियन नेता डॉ. कमल उसरी ने कहा कि हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव गहरा गया है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान सहित ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए, जिनमें राजनीतिक और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान की ओर से भी मिसाइल हमले किए गए, जिसके बाद पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रीय संप्रभुता के विरुद्ध बताया।

किसान नेता आशीष मित्तल ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार, यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ईंधन की कीमतों में वृद्धि संभव है और भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
दिशा छात्र संगठन की प्रतिनिधि निधि ने भारत सरकार के रुख पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को इस तरह की सैन्य कार्रवाई पर स्पष्ट और संतुलित प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद का अनुभव किया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और संवाद का समर्थन करना चाहिए।
प्रदर्शन के अंत में वक्ताओं ने ईरान की जनता के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की अपील की।
कार्यक्रम में पेंशनर एसोसिएशन के ऋषेश्वर उपाध्याय, ट्रेड यूनियन नेता अविनाश मिश्रा और सुभाष पांडेय, सीपीआई के आनंद मालवीय, सिविल लिबर्टी मूवमेंट के असरार नियाज़ी, जनकवि अंशु मालवीय, एआईकेएमएस के राजकुमार पथिक, सर्वोदय मंडल के सत्येंद्र, पीयूसीएल महासचिव चित्तजीत मित्रा, नौजवान भारत सभा के प्रशांत, शिक्षक संघ के वसीम, पीयूसीएल उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सीमा आज़ाद, दिशा छात्र संगठन के मोइन हबीबी और आईसा के सोनू यादव सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा राजवेंद्र सिंह, कामरेड भीम लाल, विकास स्वरूप, चंचल, प्रियांशु सहित अन्य लोग भी प्रदर्शन में शामिल रहे।


