यूजीसी एक्ट 2026 पर सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीदः धीरेंद्र यादव

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). यूजीसी एक्ट 2026 के बहाली और सामाजिक न्याय की दिशा में बुधवार को प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण जुटान हुआ। यूजीसी एक्ट 2026 बचाओ समता आंदोलन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर दिन में 1 बजे से इलाहाबाद हाइकोर्ट परिसर के पास स्थापित डॉ अंबेडकर की प्रतिमा के पास शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और जातीय उत्पीड़न के खिलाफ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सामाजिक न्याय के लिए लोगों ने एकत्र होकर समर्थन व्यक्त किया।
जुटान को संबोधित करते हुए अधिवक्ता धीरेंद्र यादव ने कहा कि “कल यानि 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी रेगुलेशन 2026 पर पूर्व में दिए गए स्थगनादेश पर सुनवाई होने जा रही है। हम सभी को पूर्ण विश्वास है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट एससी/एसटी और ओबीसी के पक्ष में सकारात्मक निर्णय देगा।”
इस अवसर पर यूजीसी एक्ट 2026 बचाओ समता आंदोलन, इलाहाबाद के संयोजक डॉ कमल उसरी ने बताया कि “आज आंदोलन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देशभर में कार्यक्रम हो रहे हैं। यूजीसी एक्ट 2026 की बहाली की लड़ाई अब सामाजिक न्याय की लड़ाई बन चुकी है। 19 मार्च 2026 को उच्चतम न्यायालय से आने वाले निर्णय के बाद हम आगे की आंदोलन रणनीति तय करेंगे।”
डॉ कमल उसरी ने आगे कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 केंद्र सरकार की कृपा से नहीं, बल्कि रोहित बेमुला, डॉ पायल तांडवी, दर्शन सोलंकी, मुथुकृष्णन, रश्मि, पुलायला राजू, मदारी वेंकटेश, सेंथिल कुमार, फ़ातिमा लतीफ़, एंजेल चकमा सहित हजारों छात्रों के शहादत और रोहित बेमुला की माँ राधिका बेमुला एवं पायल तांडवी की माँ ओबेदा तांडवी की जनहित याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश एवं 31 सदस्यीय सर्वदलीय संसदीय कमेटी की सिफारिशों के परिणामस्वरूप बनाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कमजोर पैरवी और गलत नीयत के कारण सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थगनादेश जारी किया है। “यूजीसी एक्ट 2026 की बहाली तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा,” उन्होंने स्पष्ट किया।
जुटान में कई अधिवक्ता और समाजसेवी समेत अधिवक्ता नीरज कुशवाहा, बी एल सहनी, भास्कर पासवान, राम धारी, लाल चन्द्र यादव, विकेश्वर प्रसाद, मनोज यादव, ओम प्रकाश सिंह, जगत बहादुर यादव, रोशनलाल, आर के गौतम, मुलायम सिंह यादव, सचिन कुमार, दुलारे प्रसाद, अमरेंद्र यादव, अन्नू सिंह आदि उपस्थित रहे।
