यूपी के कई जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का अलर्ट

प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
प्रयागराज/लखनऊ (आलोक गुप्ता). मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 20 मार्च 2026 को खराब मौसम की आशंका जताई गई है। राज्य सरकार ने सभी संबंधित जनपदों के प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सूबे के इन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बांदा, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, जालौन और हमीरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना अधिक है।
50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की भी चेतावनी जारी की गई है। बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, जालौन और हमीरपुर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तड़ित झंझावात चलने की संभावना है।
पूर्वांचल व बुंदेलखंड में तेज हवा के झोंके
प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, अयोध्या, कासगंज, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

मेघगर्जन और वज्रपात का भी खतरा
राज्य के अधिकांश जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसमें प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, आगरा, मेरठ, बरेली, झांसी समेत पश्चिमी, मध्य और पूर्वी यूपी के बड़े हिस्से शामिल हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन को अलर्ट, तुरंत रिपोर्टिंग के निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और तहसील स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय को सूचित करें और विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। साथ ही आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखते हुए जनहानि और नुकसान को न्यूनतम करने के प्रयास करने को कहा गया है।

