आसमान पर बादलों का डेराः गरज-चमक के साथ जमकर हुई बरसात

मौसम विभाग ने पहले ही जारी की थी चेतावनी, शंकरगढ़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी शुक्रवार को शंकरगढ़ क्षेत्र में पूरी तरह सच साबित हुई, जब सुबह होते-होते आसमान ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। तड़के करीब 6 बजे शुरू हुई गरज-चमक के साथ तेज बारिश ने कुछ ही देर में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह 7 बजे तक स्थिति यह हो गई कि मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
तेज गर्जना और बिजली की लगातार कड़क के बीच हो रही झमाझम बारिश से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। सड़कें सूनी नजर आईं और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने लगी, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। मौसम की यह स्थिति कमोवेश पूरे जनपद में दिखी।
इस अचानक बदले मौसम का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसलें तेज बारिश और संभावित ओलावृष्टि के खतरे के कारण बर्बादी के मुहाने पर पहुंच गई हैं। फसल नुकसान की आशंका से किसानों के चेहरे पर चिंता साफ देखी जा रही है। कई किसान बारिश के बीच ही अपने खेतों की ओर दौड़ते नजर आए, ताकि किसी तरह नुकसान को कम किया जा सके।
स्थानीय किसानों का कहना है कि मौसम विभाग द्वारा पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन बारिश की तीव्रता इतनी अधिक होगी, इसका अंदाजा नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का यह सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा, तो गेहूं और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले 24 घंटों में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है, साथ ही किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

