The live ink desk. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने रविवार को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की मौजूदगी में परिणाम जारी किए। इस वर्ष कुल 81.79 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे, जो पिछले वर्ष के 82.11 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ा कम है।
बोर्ड (BSEB) ने एक बार फिर देश में सबसे पहले मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने का रिकॉर्ड कायम रखा है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार में मार्च माह के भीतर ही इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं के नतीजे जारी कर दिए गए, जो राज्य की परीक्षा प्रणाली की दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मात्र 12 दिनों में मूल्यांकन कार्य पूरा कर परिणाम घोषित करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
इस वर्ष भी छात्राओं का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जमुई के सिमतुला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली के चौराई उच्च माध्यमिक विद्यालय की सबरीन परवीन ने 492 अंक (98.4 प्रतिशत) प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना 489 अंक (97.8 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
तीसरे स्थान पर बक्सर की अनूपा कुमारी और बेगूसराय के ओम कुमार ने 488 अंक (97.6 प्रतिशत) प्राप्त किए। चौथे स्थान पर समस्तीपुर की ज्योति कुमारी, बांका के अनुभव कुमार और पूर्णिया के अंश राज ने 487 अंक (97.4 प्रतिशत) हासिल किए। पांचवें स्थान पर प्रेरणा कुमारी, नसरीन परवीन, अवनीश कुमार, विकास कुमार गुप्ता और रुपेश कुमार ने 486 अंक (97.2 प्रतिशत) के साथ स्थान बनाया।
टॉप-5 में कुल 13 परीक्षार्थी शामिल हैं, जबकि छठे से दसवें स्थान तक 126 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। छात्र-छात्राएं अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
BSEB के द्वारा मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी 2026 के बीच राज्य के 1,699 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 7.85 लाख छात्राएं और 7.26 लाख छात्र थे। परीक्षा कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 : प्रमुख बिंदु
- कुल 81.79% परीक्षार्थी सफल
- लगातार 8वें वर्ष सबसे पहले परिणाम घोषित
- 12 दिनों में मूल्यांकन कार्य पूरा
- पुष्पांजलि कुमारी व सबरीन परवीन संयुक्त टॉपर
- दोनों को 492 अंक (98.4%)
- नाहिद सुल्ताना दूसरे स्थान पर
- टॉप-5 में 13 परीक्षार्थी, टॉप-10 में 126 छात्र
- 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल
- 1,699 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित



