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West Asia Crisis: आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखने पर सरकार का फोकस

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Middle East Tension) के बीच भारत सरकार ने घरेलू असर को सीमित रखने के लिए सक्रिय रणनीति तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की अहम बैठक में ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़े संभावित जोखिमों की व्यापक समीक्षा की गई।

आम जनता पर असर कम करने की रणनीति

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद देश में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों की स्थिरता बनी रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि एलपीजी और एलएनजी जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है, ताकि वैश्विक बाधाओं का सीधा असर उपभोक्ताओं पर न पड़े।

ऊर्जा और बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान

सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार, गैस आधारित बिजली संयंत्रों को राहत और तापीय संयंत्रों के लिए कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कदम उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आगामी गर्मी के महीनों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध है, जिससे बिजली संकट की आशंका कम हो गई है।

उर्वरक आपूर्ति और कृषि पर फोकस

कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यूरिया उत्पादन को बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस उर्वरकों के आयात के लिए अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं से समन्वय बढ़ाया गया है। राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखें, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।

खाद्य कीमतों पर निगरानी, कंट्रोल रूम सक्रिय

सरकार के मुताबिक, पिछले एक महीने में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खुदरा कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रही हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं, जो लगातार बाजार की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

वैश्विक आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर चर्चा

बैठक में वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने, वैकल्पिक स्रोतों की तलाश और संवेदनशील समुद्री मार्गों—विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य—से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी विचार किया गया। कूटनीतिक स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

अफवाहों पर रोक और पारदर्शी सूचना पर जोर

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिए कि इस संवेदनशील समय में भ्रामक खबरों और अफवाहों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और आम जनता तक सही व समय पर जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देशित किया कि वे नागरिकों की समस्याओं को न्यूनतम करने के लिए समन्वित और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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