
The live ink desk. विधानसभा चुनाव 2026 के अहम चरण में गुरुवार को असम, केरल और पुडुचेरी में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके चलते कई स्थानों पर रिकॉर्ड स्तर का मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार तीनों क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी ने चुनावी प्रक्रिया को मजबूत आधार दिया, हालांकि कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।
असम में सर्वाधिक मतदान का नया कीर्तिमान
असम की 126 विधानसभा सीटों पर इस बार ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया। शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य में 85.38 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो अब तक का सबसे अधिक है। मतदान के प्रति उत्साह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से देखने को मिला। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने गुवाहाटी में पूजा-अर्चना के बाद जालुकबाड़ी में मतदान किया।
केरलम में दशकों पुराना रिकॉर्ड बरकरार
केरल की 140 सीटों पर भी मतदाताओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। राज्य में लगभग 78.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले लगभग पांच दशकों में दूसरी सबसे बड़ी वोटिंग है। इससे पहले वर्ष 1977 में 79.2 प्रतिशत मतदान हुआ था। मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने कन्नूर में मतदान किया, जबकि वरिष्ठ नेता A. K. Antony और केंद्रीय मंत्री Suresh Gopi ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में वोट डाले।
पुडुचेरी में करीब 90 प्रतिशत मतदान
पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदाताओं का उत्साह चरम पर रहा और यहां लगभग 89.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। एक विशेष दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री N. Rangasamy स्वयं दोपहिया वाहन से मतदान केंद्र पहुंचे, जिसकी व्यापक चर्चा रही।
हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच वोटिंग
भारी मतदान के बीच कुछ स्थानों पर तनाव भी देखने को मिला। असम के श्रीभूमि जिले के पथारकंडी क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जिसमें करीब 25 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं पुडुचेरी के मन्नादिपेट क्षेत्र में भी झड़प की स्थिति बनी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उम्मीदवारों की संख्या और चुनावी परिदृश्य
असम में 41 राजनीतिक दलों के 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि केरल में 140 सीटों के लिए 890 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। पुडुचेरी में 30 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ।
चुनाव आयोग के अनुसार शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अब सभी की नजरें मतगणना और परिणामों पर टिकी हैं, जहां इन रिकॉर्ड मतदान प्रतिशतों का असर देखने को मिलेगा।


