खेल बेनकाबः 200 बैंक खाते, तीन जालसाज और दस करोड़ से अधिक की ठगी

भदोही (संजय सिंह). जनपद भदोही की साइबर क्राइम पुलिस ने बड़े स्तर पर संचालित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सरकारी योजनाओं और आसान लोन दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण और भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाता था और उनके एटीएम कार्ड, पासबुक तथा बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर पूरे देश में साइबर अपराध को अंजाम देता था।
भदोही पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से 200 से अधिक बैंक खातों का डेटा बरामद हुआ है, जिनके खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (NCRP) पर 500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक आकलन में इस नेटवर्क के जरिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की आशंका जताई गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत साइबर थाना टीम ने गोपीगंज ओवरब्रिज के पास से अंशुल मिश्रा (20), मोहम्मद शोएव (19) और कपिल रावत (19) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें कई संदिग्ध ऐप, बैंकिंग डिटेल और चैट रिकॉर्ड मिले हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहते थे और निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग, क्रेडिट कार्ड व अन्य ऑफर के नाम पर मालवेयर (APK फाइल) भेजकर लोगों के खातों तक पहुंच बना लेते थे। इसके बाद ठगी की रकम इन खातों में मंगाकर एटीएम, पेट्रोल पंप के POS मशीन और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से निकाल ली जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने अलग-अलग राज्यों—राजस्थान, दिल्ली, झारखंड, लखनऊ समेत कई शहरों में अपने नेटवर्क फैला रखे थे। खातों और सिम कार्ड का विवरण कोरियर या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ठगी के पैसों को खपाने के लिए लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित एक पेट्रोल पंप का इस्तेमाल करते थे, जहां POS मशीन के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर रकम को नकद में बदला जाता था। आरोपियों ने पूछताछ में पिछले एक वर्ष के भीतर लगभग 10 लाख रुपये की निकासी स्वीकार की है, जबकि कुल फ्रॉड राशि इससे कहीं अधिक होने की आशंका है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। साथ ही बरामद खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर देशभर में फैले इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता है और आगे भी ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



