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महिला आरक्षण पर BSP का रुख बरकरार, धरना-प्रदर्शन से दूरी: मायावती

लखनऊ (विजय मिश्र). बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी का रुख यथावत है और इस विषय पर किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि 15 अप्रैल को घोषित पार्टी लाइन को बैठकों में विस्तार से समझाया जाए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।

कहा, बसपा ने पहले ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए पृथक प्रावधान अनिवार्य बताया है।

मायावती ने दोहराया कि यदि आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक न्याय के तहत वर्गवार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इसका प्रभाव सीमित रह जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बसपा लंबे समय से सभी वर्गों की महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में 50% आरक्षण देने की मांग करती रही है, लेकिन अन्य राजनीतिक दल इस पर सहमति नहीं बना सके हैं।

संगठनात्मक स्तर पर निर्देश देते हुए उन्होंने बताया कि वह पार्टी कार्यों के सिलसिले में दिल्ली दौरे पर जा रही हैं और वापसी के बाद गतिविधियों की समीक्षा करेंगी। कार्यकर्ताओं को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर जनाधार विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती और नियमित बैठकों पर जोर देने को कहा गया है। साथ ही, बसपा शासनकाल के दौरान लागू विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं—जैसे एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा—की आधारशिला बसपा सरकार के समय रखी गई थी। मायावती ने कहा कि “कानून द्वारा कानून का राज” और “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर आधारित शासन ही उत्तर प्रदेश में संतुलित विकास, बेहतर कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता सुनिश्चित कर सकता है।

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