उपलब्धियों के बखान और ‘नये सपनों’ के साथ ‘विकास प्रदर्शनी’ का समापन
केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचायाः डा. पंकज कुमार
भदोही (कृष्ण कुमार द्विवेदी). जीआईसी मैदान पर सूचना विभाग द्वारा आयोजित विकास प्रदर्शनी का बुधवार को समापन हो गया। तीन दिनी प्रदर्शनी के दौरान जनपदवासियों को न सिर्फ विकास कार्य गिनाए गए, बल्कि उनके निमित्त चलाई जा रही जनोपयोगी योजनाओं का लाभ लेने का भी आह्वान किया गया। जिला सूचना अधिकारी डा. पंकज कुमार ने अंतिम दिन प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षुओं से मुलाकात की।
विकास प्रदर्शनी में आयोजित संगोष्ठी में केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट इन यूपी आदि पर कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग मैनेजर कौशल कुमार यादव, अंजली यादव एवं योगेंद्र यादव द्वारा छात्रों को जानकारी दी गई। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अमितेश कुमार सिंह, राजेश कुमार, पवन कुमार द्वारा मिशन रोजगार के तहत पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, विपणन सहायता योजना की जानकारी दी।

अमर शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र रामेश्वर सिंह ने भदोहीवासियों को जनपद की कला, संस्कृति पर बल देते हुए स्वाधीनता संग्राम में भदोही जनपद के अमर नायकों की शौर्य गाथा से रूबरू कराया।
सिर्फ कमरा होने से नहीं बन जाता ‘स्कूल’, चौपट हो रहा 104 बच्चों का भविष्य
सरकारी स्कूलों में लोग अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए क्यों नहीं भेजना चाहते, यदि इसकी असलियत जाननी हो तो विकास खंड मेजा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय शमलीपुर का भ्रमण कभी भी किया जा सकता है। कहने के लिए विद्यालय का भवन तो बनवा दिया गया, लेकिन इसके अलावा अन्य सभी सुविधाएं नदारद हैं।
जिला सूचना अधिकारी डा. पंकज कुमार ने बताया कि यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए फिल्म फ्रेंडली लोकेशन, खुशहाल किसान उत्तर प्रदेश की पहचान, गोवंश की सुरक्षा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, स्वनिधि से सम्मान, कन्या सुमंगला योजना की विधिवत जानकारी दी, साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार के विकास कार्यों से संबंधित पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन करने आए छात्रों व जनमानस-गजानंद, शिवांगी, प्रवीण, मकबूल, संतोष आदि को भेंट की गई। त्रिदिवसीय विकास प्रदर्शनी को सफल बनाने में सूचना विभाग के मानवेंद्र कुमार, आकाश कुमार, गुलाबधर यादव, कैलाशपति तिवारी, श्याम एडवटाईजर्स के प्रदीप वर्मा का सराहनी योगदान रहा।


