ड्यूटी से गायब चल रहे चार डाक्टर बर्खास्त, एक की स्थाई रूप से पेंशन रोकी गई
लखनऊ (the live ink desk). शासकीय सेवा में तैनात चार डाक्टरों द्वारा लंबे समय तक हाजिरी न लगाने पर शासन ने सभी को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा एक डाक्टर की पेंशन को स्थाई रूप से रोकने, बाहर की दवा लिखने पर एक डाक्टर का स्थानांतरण करने और जिला अस्पताल में बेड पर चादर न बिछाए जाने पर सीएमएस को अल्टीमेटम दिया गया है।
मंगलवार को हुई बर्खास्तगी की की यह कार्रवाई बुंदेलखंड के महोबा जनपद की है। महोबा में तैनात रहे डा. अनिल कुमार साहू, डा. सरिता कटियार, डा. सुशील कुमार और डा. देवेंद्र कुमार लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे थे। इसका संज्ञान लेते हुए इन चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त महोबा जनपद में ही तैनात डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव की पेंशन स्थाई रूप से रोक दी गई है। उक्त के संबंध में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के द्वारा अपर मुख्य सचिव को आदेश दे दिया गया है।
सूबे के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में पीलीभीत जनपद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा में मरीजों को बाहर से दवा लिखने के मामले में डाक्टर निर्मल तरफदार को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। सीएमओ पीलीभीत ने बाहर की दवा लिखने के मामले में डिप्टी सीएम के आदेश के पालन करते हुए संबंधित डाक्टर तरफदार को तत्काल प्रभाव से गभिया सरहाई पूरनपुर केंद्र पर भेज दिया है, साथ ही दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
इसके अतिरिक्त जनपद अस्पताल गोंडा में मरीजों के बेड पर चादर नहीं बिछाए जाने को लेकर डिप्टी सीएम ने खासी नाराजगी व्यक्त की है। डिप्टी सीएम के द्वारा उक्त मामले का ट्वीट कर जानकारी दी है। सीएमएस गोंडा को कहा कि इस तरह की गलती भविष्य में नहीं दोहराई जानी चाहिए।




