अपने वाहन से वोट डालने जा रहे लोगों को परेशान न किया जाएः सीईओ
राजनैतिक दलों द्वारा जारी की गई मतदाता पर्ची भी मतदान केंद्र पर होगी स्वीकार्य, कम वोटिंग वाले बूथों पर बुलावा टोलियों को विशेष रूप से सक्रिय किया जाए
लखनऊ. मतदान प्रतिशत बढ़ाने के निमित्त निर्वाचन आयोग हर वह कदम उठा रहा है, जिससे मतदाताओं को जागरुक किया जा सके। यूपी के सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के शेष तीन चरणो में भी निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाता जागरूकता संबंधी गतिविधियों व कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर वोटर असिस्टेंस बूथ बनाने के साथ वहां पर बीएलओ की उपस्थिति और मतदाता सूची की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। बीएलओ की अन्यत्र ड्यूटी न लगे। बीएलओ स्वयं ही ड्यूटी पर रहें, उसके स्थान पर उनके पुत्र/पति/रिश्तेदार ड्यूटी पर न रहें। वोटर असिस्टेंस बूथ ऐसे स्थान पर बनाएं, जो दूर से ही लोगों को दिख जाए, इसके लिए उचित संकेतक भी लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता पर्ची का शत-प्रतिशत वितरण कराएं। बीएलओ द्वारा मतदाता सूचना पर्ची के वितरण के समय मतदाताओं के नाम व मोबाइल नंबर आदि का विवरण भी लें, जिससे वितरण की कार्यवाही को वरिष्ठ अधिकारी द्वारा वोटर्स से क्रास-चेक किया जा सके। जिन मतदाताओं को मतदाता पर्ची किन्हीं कारणों से न मिले, वह मतदेय स्थल पर उपलब्ध मतदाता सूची में अपना नाम चेक कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पोलिंग पार्टियों और सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देशित करें, कि मतदाता बिना मतदाता पर्ची के आया है, तो उसे लौटाया न जाए और मतदान से रोका न जाए। राजनैतिक दलों द्वारा जारी की गई मतदाता पर्ची लाने वाले मतदाताओं को भी लौटाया न जाए, बल्कि उन्हें मतदान करने की सुविधा दी जाए।
पोलिंग पार्टियों की जिम्मेदारी होगी कि मतदान के दिन मतदाता द्वारा उपलब्ध कराए गए पहचान संबंधी दस्तावेज़ और मतदाता सूची में उपलब्ध विवरण से मामूली भिन्नता की स्थिति में उसे मतदान से वंचित न किया जाए। मतदान के दिन निर्वाचन ड्यूटी में लगे सभी कार्मिक एवं सुरक्षा बल मतदाताओं के साथ अच्छा व्यवहार करें। यदि कोई व्यक्ति मतदान के लिए अपने वाहन से परिवार के साथ बूथ पर जा रहा हो, तो उसे निर्धारित स्थान तक जाने दिया जाए, पुलिस द्वारा उसे रोका न जाए।
शिकायत पर बीएलओ या पोलिंग एजेंट को मतदान स्थल से हटाने या न हटाने का निर्णय केवल सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, आरओ या फिर एआरओ का होगा। पुलिस द्वारा किसी भी पोलिंग एजेंट को मतदान स्थल से नहीं हटाएगी।
प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर न्यूनतम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पोलिंग स्टेशन परिसर में मतदाताओं की कतार तक छाया की व्यवस्था की जाए, मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए मतदान के दिन बिजली आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न न हो। लू से बचाव के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर पैरामेडिक्स व आशा कार्यकर्ताओं के साथ पर्याप्त ओआरएस एवं मेडिकल किट उपलब्ध कराए जाएं।
सेक्टर टीम के पास एक पैरामेडिक कर्मी भी उपलब्ध रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सके। इसके अलावा सभी मतदान केंद्रों में शीतल पेयजल, शौचालय, दिव्यांग व वृद्धजनों के लिए व्हील चेयर व कुर्सियों की व्यवस्था भी रहे। आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को अलग-अलग स्थानों पर रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आसानी से मतदान केंद्रों व मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथ) पर भेजा जा सके।
मतदान के दिन बुलावा टोलियों का गठन किया जाए, जिसमें बीएलओ के साथ स्थानीय स्तर पर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्री, युवक मंगल दल, पंचायत स्तरीय कार्मिक शामिल होंगे। जनपद केकन्ट्रोल रूम और एमपीएस एप में कम वोटिंग प्रतिशत वाले बूथों में बुलावा टोलियों को विशेष रूप से सक्रिय किया जाए।

