आॉफबीट (offbeat)

धरतीपुत्र की अंतिम यात्रा में उमड़ा सैलाबः पंचतत्व में विलीन हुए नेताजी

नम आंखों से बेटे अखिलेश ने दी मुखाग्नि, चाहने वालों की भीड़ से कसा था अंत्येष्टि स्थल, गूंजता रहा -नेता जी अमर रहे का नारा

सैफई के मेला ग्राउंड पर किया गया दाह संस्कार, कद्दावार नेता से लेकर आम आदमी तक ने मेला ग्राउंड पहुंचकर नेताजी को किया नमन

सैफई/लखनऊ/कानपुर (the live ink desk). सैफई (Saifai) में आज हर आंख नम थी। गला भरा हुआ था। लोग अपने चहेते नेताजी के अंतिम दर्शन के लिए बेताब थे। सैफई जाने वाली सभी सड़कें लोगों की भीड़ से पटी रहीं। सपा के संरक्षक मुलायम सिंह (Patron Mulayam Singh) की अंतिम यात्रा और अंतिम दर्शन करने के लिए सैफई आनेवालों की भीड़ में हवाईजहाज से आने वाले भी थे तो पैदल और साइकिल की सवारी वाला शख्स शामिल था।

सोमवार की शाम जैसे ही मुलायम सिंह (Mulayam Singh) का पार्थिव शरीर (mortal remains) सैफई पहुंचा, उसी समय से यहां भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। नेताओं, सरकार के मंत्रियों का आना जाना रातभर जारी रहा। इस दौरान देश के कोने-कोने से आए नेताओं और चाहनों वालों ने सैफई पहुंचकर नेताजी के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह भी पढ़ेंः Mulayam Singh Yadav: आठ बार MLA और सात बार बने MP, पीएम बनते-बनते रह गए

मंगलवार को पूर्वाह्न मुलायम सिंह (Mulayam Singh) की पार्थिव देह मेला ग्राउंड में आमजन के दर्शनार्थ एक बड़े से पंडाल के नीचे बने मंच पर रखी गई। दोपहर दो बजे तक यहां पर श्रद्धांजलि का दौर चलता रहा। इसके बाद फूलों से सजे एक वाहन पर नेताजी का पार्थिव शरार पूरे सम्मान के साथ रखा गया और फिर अंतिम यात्रा शुरू हुई। अंतिम यात्रा वाले वाहन पर अखिलेश यादव के साथ-साथ बाबा रामदेव समेत तमाम दिग्गज नेता और परिवार के लोग मौजूद रहे। रास्तेभर नेताजी अमर रहे का नारा लगता रहा। अंतिम संस्कार के लिए मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की पहली पत्नी मालती मेमोरियल (Malti Memorial) के पास प्लेटफार्म बनाया गया था।

यह भी पढ़ेंः बंगाल शिक्षक भर्ती घोटालाः तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य गिरफ्तार

अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने के बाद पारिवारिक सदस्यों ने पार्थिव देह को गाड़ी से उतारकर नीचे रखा। इसके बाद विधिविधान से धार्मिक कर्मकांड पूरे किए गए। अखिलेश यादव ने पिंडदान करते हुए जल दिया और फिर मुखाग्नि दी। जैसे ही अखिलेश यादव ने मुखाग्नि दी और पीछे की तरफ मुड़े, मौजूद भीड़ ने नेताजी अमर रहे का उद्घोष तेज कर दिया।  मुखाग्नि के लिए कन्नौज के एक व्यापारी के मार्फत 1.5 कुंतल चंदन की लकड़ी मंगवाई गई थी। इसके अलावा गेंदा सहित विभिन्न प्रकार के फूल भी मंगवाए गए थे।

यह भी पढ़ेंः कुएं से निकला पिता-पुत्र का शव, एक गंभीर, SDRF ने चलाया रेस्क्यू आपरेशन

मुलायम के निधन की खबर सुनकर की आत्महत्याः दूसरी तरफ कानपुर मेंएक मजदूर ने मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर सुनने के बाद नदी में कूदकर जान दे दी। आत्महत्या का यह मामला इस्पातनगर में काम करने वाले राजेश कुमार यादव (50) का है। वह इस्पातनगर में मजदूरी करता था। बताया जाता हैकि वह काम सेघर लौट रहा था। इसी दौरान उसने किसी से मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर सुनी। इसके बाद वह बिलखने लगा और पांडु नदी में छलांग लगाकर जान देदी। दूसरी तरफ जैसे ही इस मामले की खबर राजेश के घर पहुंची तो वहां भी मातम पसर गया। राजेश की मौत से पत्नी रामरती और चार बेटियों ममता, ललिता, सरिता और आरुषि का रो-रोकर बुरा हाल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button