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एक साल में पकड़े गए 10 हजार से अधिक घुसपैठिए, करोड़ों की तस्करी का सामान भी मिला

भारत–बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की कड़ी निगरानी

The live ink desk. पूर्वी सीमांत पर बीएसएफ की सख़्त चौकसी का बड़ा असर इस वर्ष देखने को मिला है। बीएसएफ पूर्वी कमान द्वारा जारी वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में भारत–बांग्लादेश सीमा से 10,263 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जो या तो भारत में अवैध प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे या फिर बिना अनुमति देश से बाहर निकलने की कोशिश में थे। यह आँकड़ा सीमा पर बढ़ी गतिविधियों और बीएसएफ की मजबूत निगरानी—दोनों को दर्शाता है।

बांग्लादेश में अशांति के बीच 24 घंटे गश्त

रिपोर्ट में बताया गया कि हाल के महीनों में बांग्लादेश की राजनीतिक व सामाजिक अशांति के दौरान भारतीय सीमा पर घुसपैठ का जोखिम काफी बढ़ गया था। इसके बावजूद सीमा चौकियों पर तैनात जवानों ने लगातार रात-दिन गश्त बढ़ाकर हर हलचल पर पैनी नजर रखी। अधिकारियों के अनुसार, ‘‘जवानों ने कई इलाकों में आधी रात तक जागकर चौकसी की, जिसके कारण बड़ी संख्या में अवैध पारगमन के प्रयास शुरुआती स्तर पर ही विफल कर दिए गए।’’

तकनीकी निगरानी और अतिरिक्त तैनाती का असर

रिपोर्ट में बताया गया कि इस वर्ष संवेदनशील इलाकों में जवानों की संख्या बढ़ाई गई, साथ ही रात के समय विशेष तलाशी अभियान और आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग बढ़ा। इन उपायों से अवैध घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग पाई।

सोना, मादक पदार्थ और तस्करी पर की गई कार्रवाई

बीएसएफ की वार्षिक समीक्षा में तस्करी पर की गई कार्रवाई में करोड़ों की जब्ती की गई है। इस दौरान 376.52 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए। 170.57 करोड़ रुपये का अन्य अवैध सामान पकड़ा और सीमा से 51.389 किलो सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत 67.42 करोड़ रुपये से अधिक है। बीएसएफ पूर्वी कमान ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले वर्ष जवानों ने किस स्तर पर अभियान चलाकर सीमा सुरक्षा सुनिश्चित की। तस्करी, सोना सप्लाई, ड्रग्स नेटवर्क और अवैध पारगमन—सभी क्षेत्रों में प्रभावी रोकथाम की गई।

61वें स्थापना दिवस पर जवानों को सराहा

स्थापना दिवस के अवसर पर कमान की ओर से सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएँ दी गईं। साथ ही कहा गया कि सीमा रक्षा अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जिसमें प्रत्येक जवान की ईमानदार और समर्पित भूमिका आवश्यक है। पूर्वी कमान की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि इस वर्ष भारत–बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और कड़ी हुई है और बीएसएफ ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अवैध गतिविधियों पर कठोर नियंत्रण बनाए रखा।

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