नामिनी पत्नी को मिला पर्सनल एक्सीडेंट क्लेम का चेक

जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर इंश्योरेंस कंपनी ने किया भुगतान
भदोही (सत्येंद्र द्विवेदी). जिला उपभोक्ता आयोग भदोही ने पर्सनल एक्सीडेंट बीमा क्लेम से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण राहत देते हुए मृतक की नामिनी पत्नी को बीमा धनराशि का चेक सौंप दिया। आयोग के आदेश के अनुपालन में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से यह भुगतान किया गया। यह जानकारी जिला उपभोक्ता न्यायालय के रीडर स्वतंत्र रावत ने दी।
जानकारी के अनुसार, बालीपुर निवासी श्रीमती श्यामा देवी, पत्नी स्वर्गीय सुशील कुमार मिश्रा, ने 12 सितंबर 2024 को टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, शाखा सिगरा (वाराणसी) के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग भदोही में वाद दायर किया था। परिवादी की ओर से अधिवक्ता सत्य प्रकाश पांडे ने तर्क दिया कि दोपहिया वाहन स्वामी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बावजूद बीमा कंपनी द्वारा नामिनी पत्नी को कंपलसरी पर्सनल एक्सीडेंट बीमा का लाभ नहीं दिया जा रहा था।
मामले में परिवादी ने 15 लाख रुपये की बीमा धनराशि के साथ 16 जून 2024 से ब्याज, मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए दो लाख रुपये तथा 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च की मांग की थी। नोटिस जारी होने के बाद बीमा कंपनी की ओर से जवाब-दावा भी दाखिल किया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने वाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह दो माह के भीतर 15 लाख रुपये की बीमा राशि, वाद दायर करने की तिथि 12 सितंबर 2024 से आदेश की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज तथा 5,000 रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर पूरी राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देय होगा।
आयोग के आदेश का अनुपालन करते हुए, बिना किसी निष्पादन कार्यवाही के, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक की ओर से उनके पैनल अधिवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा ने 16,08,068 रुपये का चेक जिला उपभोक्ता आयोग भदोही में जमा किया। धनराशि आयोग के खाते में प्राप्त होने के बाद अधिवक्ता सत्य प्रकाश पांडे की उपस्थिति में परिवादी श्रीमती श्यामा देवी को चेक सौंप दिया गया। इसके साथ ही मामले का विधिवत निस्तारण कर दिया गया।


