न्यू ईयर सेलिब्रिशन के लिए अनुमति जरूरी, नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). नववर्ष की पूर्व संध्या पर जिले में आयोजित होने वाले मनोरंजन कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थल पर संगीत, नृत्य, डीजे अथवा अन्य मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति आयोजन पाए जाने पर आयोजक और स्थल स्वामी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार होटल, क्लब, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, गार्डन, खेल मैदान या स्कूल-कॉलेज परिसरों में किसी भी प्रकार का मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) अधिनियम के तहत पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। अधिनियम में यह स्पष्ट प्रावधान है कि कर योग्य या कर-मुक्त, किसी भी प्रकार का मनोरंजन कार्यक्रम जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना आयोजित नहीं किया जा सकता।
नियमों का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 8(क) के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना, छह माह तक की कैद अथवा दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।
सहायक आयुक्त, राज्य कर (पूर्व मनोरंजन कर कार्य) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिले के सभी संभावित आयोजकों और स्थल संचालकों को आगाह किया गया है कि वे नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रस्तावित कार्यक्रमों के लिए सभी आवश्यक अनापत्तियां, औपचारिकताएं और प्रमाण-पत्र विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के साथ अपलोड करें। साथ ही, आवेदन से संबंधित अभिलेखों की हार्ड कॉपी सहायक आयुक्त, राज्य कर कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर प्रयागराज में निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का आयोजन पाए जाने पर आयोजक और स्थल स्वामी दोनों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नववर्ष समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अव्यवस्थित आयोजनों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।


