
The live ink desk. दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत आने वाले साल 2026 में भी मजबूती बनाए रखने के लिए तैयार है। मजबूत आर्थिक वृद्धि, नियंत्रित महंगाई और सुदृढ़ बैंकिंग प्रणाली जैसे अनुकूल कारक भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बनाए हुए हैं। वर्ष 2025 में हासिल हुई आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने सुधारों और निवेश प्रोत्साहन योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार जीवन और कारोबार सुगमता को बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों की घोषणा की संभावना है। इससे वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत अधिक आकर्षक निवेश गंतव्य बन सकेगा।
जीडीपी और वैश्विक स्थिति
सरकार के बयानों के अनुसार, भारत ने 4.18 ट्रिलियन डॉलर (करीब 350 लाख करोड़ रुपये) की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मुकाम हासिल किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर (655 लाख करोड़ रुपये) के साथ जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर जीडीपी की वृद्धि लगातार तिमाहियों में बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यह 8.2 प्रतिशत पर पहुंच गई। खुदरा मुद्रास्फीति साल 2025 की शुरुआत में 4.26 प्रतिशत थी, जो नवंबर तक घटकर 0.71 प्रतिशत पर आ गई। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में गिरावट इस कमी का मुख्य कारण रही।
सुधार और नीतिगत कदम
सरकार राष्ट्रीय खातों के आधार वर्ष को 2022-23 में बदलने की प्रक्रिया पर काम कर रही है, जिससे जीडीपी गणना में आई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान हो सके। साल 2025 के अंत में जीएसटी दरों में कटौती और नए श्रम संहिताओं का क्रियान्वयन भी सुधारों का हिस्सा हैं।
फरवरी में पेश होने वाले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अर्थव्यवस्था को गति देने और सुधारों को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की व्यापक उम्मीदें हैं।
वैश्विक एजेंसियों का भरोसा
दुनिया की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि अनुमान बढ़ाया है। फिच ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7.4 प्रतिशत, एशियाई विकास बैंक ने 7.2 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 6.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। मूडीज ने भारत को जी-20 देशों में सबसे तेज़ बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती करते हुए उन्हें 5.25 प्रतिशत पर लाया है, जिससे होम लोन और कार लोन सस्ते होने की उम्मीद है।
