
The live ink desk. ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के नेतृत्व वाले धर्मतांत्रिक शासन के खिलाफ भड़के विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक राजधानी तेहरान सहित देश के प्रमुख शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर हालात तनावपूर्ण बने रहे।
हिंसा में मृतकों की संख्या 538 पहुंची
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 28 दिसंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में अब तक कम से कम 538 लोगों की मौत हो चुकी है। एजेंसी का दावा है कि मरने वालों में अधिकांश प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जबकि सुरक्षा बलों के भी कई जवान हताहत हुए हैं। लगातार हो रही झड़पों के कारण मृतकों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में टकराव
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और ईरानी सुरक्षा बलों के बीच कई शहरों में तीखी झड़पें हुईं। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि मृतकों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा अब तक 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ गई है।
सूचना तंत्र पर सख्ती, हालात का आकलन मुश्किल
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और फोन लाइनें भी बाधित हैं। इसके चलते देश के बाहर से वास्तविक स्थिति की पुष्टि करना कठिन हो गया है। संचार माध्यमों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं आ पा रही है।
सरकार की ओर से आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं
ईरानी सरकार ने अब तक हताहतों या गिरफ्तार किए गए लोगों की कोई आधिकारिक और समग्र संख्या जारी नहीं की है। हालांकि, लगातार बढ़ते प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाओं ने देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।




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