
The live ink desk. सुप्रीम कोर्ट ने संसद के सेंट्रल हॉल सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों से वीर विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने इस तरह की मांग को अनुचित बताते हुए याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया।
यह याचिका बालासुंदरम नामक एक सेवानिवृत्त अधिकारी द्वारा दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं न केवल निरर्थक हैं, बल्कि न्यायालय का बहुमूल्य समय भी नष्ट करती हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता को ऐसी याचिका दाखिल करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की चेतावनी भी दी।
अदालत की सख्ती को देखते हुए याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी स्वयं वापस ले ली। इसके साथ ही न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि सेवानिवृत्ति के बाद समाजहित में रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों में योगदान देना अधिक उपयुक्त होगा, न कि इस तरह के विवादास्पद और आधारहीन मामलों को अदालत में लाना।


