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जनभागीदारी से 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा भारतः केशवप्रसाद मौर्य

स्वदेशी अपनाने से वैश्विक शक्ति बनेगा देश : उपमुख्यमंत्री

आजमगढ़. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पादों के व्यापक उपयोग से भारत को कोई भी वैश्विक शक्ति पीछे नहीं रोक सकती।

जनपद भ्रमण पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री का पुलिस लाइन में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। इसके उपरांत वे नगर स्थित हरिऔध कला भवन पहुंचे, जहां ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सेवा न्यास एवं महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उन्होंने उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने में अब सीमित समय शेष है। युवाओं को आगे आकर नेतृत्व करना होगा और सरकार तथा समाज हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय संयोजक सहजानंद राय, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती सहित अनेक शिक्षाविद्, प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

संगोष्ठी के उपरांत उपमुख्यमंत्री राम-जानकी मैदान, शाहगढ़ के लिए रवाना हुए, जहां वे ग्राम चौपाल एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

स्वदेशी सोच में आया निर्णायक परिवर्तन

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी के प्रति दृष्टिकोण में ऐतिहासिक बदलाव आया है। पहले जहां स्वदेशी की बात करने में संकोच किया जाता था, वहीं आज यह राष्ट्रीय गौरव का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत हुई है।

विकास और शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने गरीबी उन्मूलन के मोर्चे पर ठोस परिणाम दिए हैं और लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। शिक्षा के क्षेत्र में आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की स्थापना को उन्होंने इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रत्येक मंडल में विश्वविद्यालय और प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की दिशा में ठोस प्रयास हुए हैं।

एक जनपद, एक उत्पाद’ से आर्थिक मजबूती

उपमुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों के समग्र विकास के बिना राज्य और देश का विकास संभव नहीं है।

विरासत से प्रेरणा, भविष्य की ओर कदम

उन्होंने कहा कि पूर्व में देश भ्रष्टाचार, आतंकवाद और तुष्टिकरण की राजनीति से जूझ रहा था, जबकि आज भारत संभावनाओं और आत्मविश्वास का देश बन चुका है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व कर रहा है और वैश्विक मंच पर उसकी प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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