नई दिल्ली. बारामती के समीप हुए विमान हादसे के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के कारणों की गहन पड़ताल पारदर्शी ढंग से और तय समयसीमा के भीतर पूरी करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हादसे की जानकारी मिलते ही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी गईं। दिल्ली से एएआईबी के तीन अधिकारी और मुंबई से डीजीसीए के तीन अधिकारी 28 जनवरी को दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में एएआईबी के महानिदेशक जी.वी.जी. युगंधर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के लिए अहम माने जाने वाले दुर्घटनाग्रस्त विमान के ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इसके विश्लेषण से हादसे से जुड़े तकनीकी और परिचालन पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी और जांच प्रक्रिया अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि यह जांच एएआईबी नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत की जा रही है और सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाएगा। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि जांच के निष्कर्ष समय पर सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

