कलेक्ट्रेट में ड्यूटी से गायब मिले 38 कर्मचारी, स्पष्टीकरण तलब

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने दिखाई नाराजगी, वेतन काटने के संकेत
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अचानक निरीक्षण से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। सुबह लगभग 10 बजे किए गए इस निरीक्षण में कई अनुभागों के कुल 38 कर्मचारी और पटल सहायक अपने-अपने कार्यस्थल से नदारद मिले। बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी कक्षों की उपस्थिति पंजिकाएं खंगालीं और गैरहाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका जाएगा। इस कदम को कार्यालयी अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों और पटलों का निरीक्षण करते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अभिलेखों की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।

कार्यालय में अनुशासन बहुत जरूरी
निरीक्षण के बाद सभी अपर जिलाधिकारियों और नगर मजिस्ट्रेट को नियमित रूप से अपने-अपने अनुभागों का निरीक्षण करने तथा कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालयी अनुशासन से ही प्रशासन की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा कायम रहता है।
दफ्तर की सफाई का भी रखें ध्यान
इसके अलावा, कलेक्ट्रेट परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पत्रावलियों और अभिलेखों को सुव्यवस्थित ढंग से संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।



