अवधइवेंटउत्तर प्रदेश समाचारकुम्भ 2024ताज़ा खबरपश्चिमांचलपूर्वांचलबुंदेलखंडराज्य

माघी पूर्णिमाः संगम तट पर उमड़ा आस्था का महासागर, दोपहर तक 1.5 करोड़ ने लगाई डुबकी

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). तीर्थराज प्रयाग में माघ मास की पूर्णिमा के अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। पावन पर्व पर तड़के भोर से ही संगम सहित गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा का स्नान विशेष पुण्यफल प्रदान करता है, इसी विश्वास के साथ देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दोपहर 12 बजे तक करीब 1 करोड़ 50 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे। जैसे-जैसे सूर्य ऊपर चढ़ता गया, घाटों पर भीड़ और बढ़ती चली गई। संत-महात्माओं, कल्पवासियों, श्रद्धालु परिवारों और युवाओं ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। घाटों पर पुलिस, एनडीआरएफ और स्वयंसेवकों की तैनाती रही, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, संकेतक और मेडिकल सहायता केंद्र सक्रिय रहे।

माघ मेला क्षेत्र में हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रशासन का अनुमान है कि दिन भर में स्नान करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। माघी पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर प्रयागराज एक बार फिर आस्था, परंपरा और संस्कृति के विराट संगम के रूप में नजर आया।

काशी में उमड़ा श्रद्धा का जनसागर, गंगा घाटों पर तड़के से जुटी भीड़

वाराणसी. माघ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी नगरी में आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला। रविवार को तड़के भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लाखों भक्तों ने पुण्य सलिला गंगा में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया और इसके बाद दान-पुण्य कर श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए प्रस्थान किया।

महास्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे। प्रयागराज से स्नान कर काशी पहुंच रहे श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और कई इलाकों में यातायात पर अस्थायी रोक लगाई गई। गंगा में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जल पुलिस, पीएसी, गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीमें विशेष नौकाओं के माध्यम से लगातार गश्त करती रहीं।

शनिवार शाम से ही प्रमुख गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भोर करीब तीन बजे से स्नान का सिलसिला तेज हो गया, जो दिन चढ़ने के साथ और भी बढ़ता गया। शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु नंगे पांव गंगा घाटों की ओर बढ़ते दिखाई दिए। माघी पूर्णिमा के विशेष संयोग में स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी उत्सुकता और भक्ति भाव स्पष्ट नजर आया।

दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, पंचगंगा, अहिल्याबाई घाट, अस्सी, तुलसी, खिड़किया, भैसासुर और सामने घाट सहित कई प्रमुख तटों पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच काशी की गलियां और घाट पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबे रहे। माघ पूर्णिमा के इस महास्नान ने एक बार फिर काशी की सनातन परंपरा और आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button