बजट 2026-27: करदाताओं को सीधी राहत, स्वास्थ्य और MSME पर बड़ा फोकस

नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग, करदाताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए कई दूरगामी घोषणाएं की हैं। एक ओर कर नियमों को सरल और कर भार को कम करने के कदम उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य, आयुष, मानसिक स्वास्थ्य, एमएसएमई और वस्त्र उद्योग को नई मजबूती देने का रोडमैप पेश किया गया है।
कर प्रणाली में राहत और सरलता
बजट में आम करदाताओं को राहत देते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने और संशोधित करने की प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाया गया है।
Return दाखिल करने को अतिरिक्त समय
अब नाममात्र शुल्क के साथ संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि गैर-लेखा परीक्षण वाले व्यापार मामलों और न्यासों के लिए 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा। इसके अलावा, आयकर रिटर्न संशोधन की समयसीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाकर अगले वर्ष 31 मार्च तक कर दिया गया है, जिससे करदाताओं को त्रुटि सुधार का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
NRI संपत्ति बिक्री नियमों में बदलाव
संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) से जुड़े टीडीएस प्रावधानों में भी अहम बदलाव किया गया है। अब टीडीएस की कटौती निवासी खरीदार द्वारा की जाएगी और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर (TAN) की अनिवार्यता नहीं होगी, जिससे लेन-देन की प्रक्रिया सरल बनेगी।
स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को नई दिशा
स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की है। इन संस्थानों के स्थानों की घोषणा बाद में की जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निमहंस 2.0 की स्थापना की जाएगी, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही उत्तर भारत में दो नए मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
Medical टूरिज्म हब का भी निर्णय
भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पांच क्षेत्रीय चिकित्सीय पर्यटन केंद्र बनाए जाएंगे। आयुष फार्मेसी और औषध परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक चिकित्सा केंद्र को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
मानव संसाधन और दवाओं पर जोर
अगले पांच वर्षों में एक लाख विशेषज्ञ हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे और 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज, विशेषकर कैंसर की दवाओं की कीमतें कम करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
MSME और वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन
आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास कोष स्थापित करने की घोषणा की गई है। वस्त्र क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयुर्वेद शिक्षा और अनुसंधान को बल
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने बजट में तीन नए एआईआईए संस्थानों की घोषणा को आयुर्वेदिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल के लिए मील का पत्थर बताया। उनके अनुसार, इससे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद सेवाओं का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार होगा।



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