
The live ink desk. उत्तराखंड के कालसी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने यात्रियों की खुशहाल यात्रा को मातम में बदल दिया। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस कुआनु–मीनाक मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस शिमला जिले के चौपाल उपमंडल स्थित नेरवा से सिरमौर जिले के पांवटा साहिब जा रही थी। बस उत्तराखंड-हिमाचल सीमा क्षेत्र में कालसी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हुई। हादसे के समय बस में कुल 34 यात्री सवार थे। बस का पंजीकरण नंबर एचपी-66ए-2588 है और यह नेरवा डिपो की बताई जा रही है।
वाहन को पास देने के दौरान हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संकरी पहाड़ी सड़क पर सामने से आ रहे एक वाहन को रास्ता देने के प्रयास में बस का संतुलन बिगड़ गया। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन फिसलते हुए सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। बस के गिरते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर चीख-पुकार गूंज उठी।
रेस्क्यू में आई भारी मुश्किलें
घटना की सूचना मिलते ही देहरादून कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर डाकपत्थर, चकराता, मोरी और त्यूणी से उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना की गईं।
एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस तैनात
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और गहरी खाई के कारण राहत एवं बचाव कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ यात्रियों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
एचआरटीसी ने भेजी अधिकारियों की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही हिमाचल पथ परिवहन निगम ने भी अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल और अस्पतालों के लिए रवाना कर दी है। निगम की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। बस में तैनात चालक दिनेश शर्मा और परिचालक जगदीश चंद सुरक्षित बताए जा रहे हैं। परिचालक के अनुसार, बस में 34 यात्री सवार थे।



