
The live ink desk. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Netanyahu) ने भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए दोनों देशों के बीच वैचारिक और रणनीतिक निकटता को नई ऊंचाई देने की घोषणा की। नेसेट में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को “महान मित्र” और “वैश्विक नेतृत्व के सशक्त प्रतीक” के रूप में वर्णित किया और भावुक होते हुए उन्हें “भाई” जैसा करीबी बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-इजराइल संबंधों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हुआ है और तकनीकी, सुरक्षा तथा नवाचार क्षेत्रों में सहयोग कई गुना बढ़ा है। उनके अनुसार यह साझेदारी साझा मूल्यों—प्रगति, मानव गरिमा और पारस्परिक सम्मान—पर आधारित है।
कट्टरपंथ के खिलाफ साझा मोर्चा
अपने भाषण में नेतन्याहू (Netanyahu) ने “कट्टरपंथी इस्लाम” के खतरे का उल्लेख करते हुए भारत और इजराइल के बीच एक “आयरन एलायंस” (Iron Alliance) बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारत की ओर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इजराइल की सैन्य कार्रवाई को “रक्षात्मक युद्ध” बताया। उनके शब्दों में यह संघर्ष केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि “मानवता और सत्य के भविष्य” का प्रश्न है।
आईएमईसी को आगे बढ़ाने पर जोर
नेतन्याहू ने अमेरिका समर्थित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) को दोनों देशों के सहयोग का महत्वपूर्ण आयाम बताया। यह परियोजना समुद्री और रेल नेटवर्क के माध्यम से भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ने की परिकल्पना करती है। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर की सफलता के लिए मार्ग में स्थिर और सुरक्षित देशों की आवश्यकता है, और इस दृष्टि से भारत व इजराइल स्वाभाविक साझेदार हैं।

बहुआयामी समझौते और सांस्कृतिक आयाम
यात्रा के दौरान पर्यटन, संस्कृति, कृषि, जल प्रबंधन और आव्रजन जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों को लागू करने की घोषणा की गई। नेतन्याहू ने इसे अब्राहम समझौते की भावना के अनुरूप क्षेत्रीय शांति और सहयोग को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया।
तेल अवीव हवाई अड्डे पर नेतन्याहू (Netanyahu) ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया। भारतीय मूल की नेत्रहीन गायिका दीना सेमटे की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही।
Narendra Modi का दूसरा इजराइल दौरा
प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले 2017 में उनकी यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में नई शुरुआत की थी, जबकि 2018 में नेतन्याहू के भारत दौरे ने रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ किया।
विश्लेषकों के अनुसार यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रक्षा, प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, कृषि और नवाचार जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।


