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US-Israeli attacks में सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की मौत

The live ink desk. मध्य पूर्व में शनिवार देर रात एक बड़े सैन्य अभियान ने भू-राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों पर समन्वित हवाई हमले (US-Israeli attacks) किए गए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई (Ayatollah Sayyed Ali Khamenei) के मारे जाने का दावा किया गया है। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने रविवार सुबह प्रसारित बुलेटिन में खामेनेई की “शहादत” की पुष्टि की।

वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान में “स्थायी शांति स्थापित होने तक” सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। दूसरी ओर, यरूशलम में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “लक्षित और निर्णायक अभियान” बताया और कहा कि यह कार्रवाई ईरानी शासन के सैन्य ढांचे को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से की गई है।

सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान

इजराइली सेना इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के अनुसार शुरुआती चरण में 30 से अधिक उच्चस्तरीय सैन्य और सुरक्षा लक्ष्यों को साधा गया। आईडीएफ ने दावा किया कि ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी अली शमखानी तथा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर भी मारे गए। इसके अलावा सैन्य आपात मुख्यालय से जुड़े खुफिया प्रमुख सलाह असदी और वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद शिराजी के हताहत होने की भी सूचना दी गई है।

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि हमलों में खामेनेई (Ayatollah Sayyed Ali Khamenei) के परिवार के कई सदस्य—उनकी बेटी, पोता, बहू और दामाद—भी मारे गए। हालांकि, स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि फिलहाल सीमित है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

US-Israeli attacks हमलों के कुछ घंटों के भीतर ईरान ने इजराइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। तेल अवीव में एक रिहायशी इलाके पर हमले में एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है। इजराइल ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर संयुक्त कार्रवाई को “आक्रामक युद्ध” करार दिया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के उपयोग की बात कही।

नागरिक हताहत और मानवीय संकट

दक्षिणी ईरान के होर्मोजगन प्रांत के मिनाब शहर में एक स्कूल परिसर पर हुए हमले में कम से कम 85 छात्राओं की मौत की सूचना है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार दर्जनों छात्राएं मलबे में फंसी हैं और बचाव कार्य जारी है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा की है और मानवीय संगठनों ने तत्काल संघर्षविराम की अपील की है।

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। ऊर्जा आपूर्ति मार्गों, विशेषकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य, पर संभावित प्रभाव को लेकर वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। कूटनीतिक स्तर पर कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल संवाद बहाल करने की अपील की है।

मौजूदा स्थिति तेजी से बदल रही है। सैन्य, राजनीतिक और मानवीय मोर्चों पर इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं, जिन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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