
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने बहरीन, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिका के कम से कम छह सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। घटनाक्रम शनिवार और रविवार को सामने आया, जिसके बाद क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु एजेंसी (एए) की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए। रिपोर्ट में सैटेलाइट चित्रों, सत्यापित वीडियो फुटेज और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के बयानों का हवाला दिया गया है। हमलों में कई इमारतों और संचार प्रणालियों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत स्थित कैंप आरिफजान पर हुए हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत और पांच के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। हालांकि, इस दावे से संबंधित तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईरान ने कुल कितने मिसाइल या ड्रोन दागे और उनमें से कितनों को वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोका गया।
बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें फ्लीट मुख्यालय को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। सैटेलाइट तस्वीरों में दो सैटेलाइट संचार टर्मिनल के नष्ट होने तथा परिसर की कुछ इमारतों को भारी क्षति पहुंचने के संकेत मिले हैं। हमले के समय बंदरगाह पर बड़ी संख्या में युद्धपोत मौजूद नहीं थे।
कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस की रविवार दोपहर ली गई तस्वीरों में परिसर के भीतर कई स्थानों पर ढांचे क्षतिग्रस्त दिखाई दिए। वहीं इराक के एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों को भी बार-बार निशाना बनाए जाने की सूचना है। सैटेलाइट चित्रों के अनुसार बेस के एक हिस्से में चार संरचनाएं क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुई हैं, और आग की लपटें सोमवार सुबह तक दिखाई देती रहीं।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई स्थित जेबेल अली पोर्ट से भी धुएं के उठने की तस्वीरें सामने आई हैं। हालांकि यह आधिकारिक अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन यह बंदरगाह अमेरिकी नौसेना द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग से सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में ड्रोन को सैन्य परिसर के ऊपर उड़ते और विस्फोट करते हुए दिखाया गया है, हालांकि उसके वास्तविक नुकसान का स्वतंत्र सत्यापन अभी शेष है।
पहचाने गए छह ठिकानों में से पांच स्थानों पर किसी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई सैन्य इमारतों, संचार अवसंरचना और अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। क्षेत्र में पहले से व्याप्त तनाव के बीच इन हमलों ने अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और सुरक्षा प्रबंधों की प्रभावशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।




