
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच Iran ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब उसकी कार्रवाई केवल जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहेगी। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने संकेत दिया है कि आगे अमेरिका, Israel और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा सकते हैं। इस चेतावनी के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान की राजधानी Tehran में स्थित खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़कारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हालिया हमलों के बाद ईरान अपनी रणनीति बदल रहा है। उनके अनुसार अब सैन्य कार्रवाई एक निरंतर अभियान के रूप में जारी रह सकती है, जिसका उद्देश्य विरोधी देशों के हितों को नुकसान पहुंचाना होगा।
ईरानी पक्ष ने यह भी कहा कि यदि संघर्ष बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। अधिकारियों का दावा है कि क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेज उछाल के साथ 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी और इजराइली हितों को संभावित लक्ष्य बनाया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय कुछ प्रमुख अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तर और परिसंपत्तियां भी जोखिम के दायरे में आ सकती हैं। इनमें Google, Microsoft, Palantir Technologies, IBM, NVIDIA और Oracle Corporation जैसी कंपनियों का नाम लिया जा रहा है।
इन कंपनियों की क्षेत्रीय मौजूदगी इजराइल के अलावा खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख शहरों Dubai और Abu Dhabi में भी बताई जाती है। ईरान समर्थक कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने दावा किया है कि इन संस्थानों से जुड़े संभावित ठिकानों की सूची भी तैयार की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष का दायरा बढ़ता है तो यह केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक और तकनीकी ढांचे को भी प्रभावित कर सकता है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
