प्रयागराज में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर न जाएः जिलाधिकारी

एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सतर्क, डीएम ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). मध्य पूर्व में जारी तनाव और सोशल मीडिया पर फैल रही ईंधन संकट की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ जिले में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
बैठक में उपायुक्त पुलिस मुख्यालय, अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति), जिला पूर्ति अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक तथा इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिवीजनल व डिपो स्तर के अधिकारी शामिल हुए। इसके साथ ही जिले में संचालित गैस एजेंसियों के संचालक और प्रबंधक भी बैठक में उपस्थित रहे।
जिला पूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों, ई-केवाईसी प्रक्रिया और सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं के कारण उपभोक्ताओं में अतिरिक्त सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे गैस एजेंसियों पर भीड़ देखी जा रही है। हालांकि जिले की 144 गैस एजेंसियों के माध्यम से सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और मांग के अनुरूप आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं है। कंपनियों के सर्वर भी अब सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं, जिससे ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा पुनः सामान्य हो गई है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं के लिए मैनुअल बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों में गैस रिफिल प्राप्त करने के 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही अगली बुकिंग की जा सकेगी। उपभोक्ता अपने अधिकृत वितरक के माध्यम से मोबाइल कॉल या “स्मार्ट बुकिंग मोड ऐप” के जरिए गैस बुक कर सकते हैं तथा डिलीवरी के समय प्रमाणीकरण कोड (DAC) बताकर सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करते रहें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण, डायवर्जन, अधिक कीमत वसूली या कालाबाजारी न हो। ऐसी किसी भी शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे एजेंसी के बाहर गैस स्टॉक का स्पष्ट प्रदर्शन करें, केवाईसी प्रक्रिया के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था करें और उपभोक्ताओं के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित करें। एजेंसी कार्यालय और गैस गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
एलपीजी की उपलब्धता को लेकर मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला पूर्ति कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। यहां गैस बुकिंग, रिफिल आपूर्ति या अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।