
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारत सरकार के समन्वित प्रयासों से ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया। इन सभी को विशेष निकासी अभियान के तहत आर्मेनिया के रास्ते चेन्नई पहुंचाया गया, जहां उनके आगमन के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
यह पूरा अभियान भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, संबंधित दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के आपसी सहयोग से संचालित किया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मानवीय प्रयास में सहयोग देने के लिए आर्मेनिया सरकार और अपने समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक ईरान से 1200 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें छात्रों की संख्या उल्लेखनीय है, जो विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत थे और हालात बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल निकालने की आवश्यकता पड़ी। निकासी अभियान मुख्य रूप से आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्तों से संचालित किया जा रहा है, जहां भारतीय मिशन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात से भारत के लिए सीमित वाणिज्यिक उड़ानें भी जारी हैं, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह से अब तक करीब 6.24 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत वापस आ चुके हैं।
हालांकि, पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।


