The live ink desk. पाकिस्तान के अशांत बलोचिस्तान प्रांत (Balochistan) में अलगाववादी गतिविधियों ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। प्रतिबंधित सशस्त्र संगठन बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि हालिया हमलों की श्रृंखला में पाकिस्तान सुरक्षा बलों के 86 जवान मारे गए हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएलए (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 14 मिनट का एक वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो में विभिन्न सैन्य ठिकानों और ढांचागत संरचनाओं को निशाना बनाए जाने के दृश्य दिखाए गए हैं।
वीडियो में शम्सी एयरबेस पर रॉकेट हमले, झाल मगसी, सोराब और कुर्दगाप में सैन्य काफिलों पर हमले, कदन और मस्तुंग में सैन्य शिविरों को निशाना बनाने के दावे किए गए हैं। साथ ही दलबंदिन के खनन क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने और पंजगुर में सरकार समर्थित समूह ‘मौत का दस्ता’ के मुख्यालय पर कब्जा करने की बात भी कही गई है।
बीएलए (BLA) के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने अपने बयान में कहा कि 29 मार्च से एक अप्रैल के बीच बलोचिस्तान के विभिन्न इलाकों में समन्वित हमले चलाए गए। इन हमलों का दायरा पंजगुर, शापक, बसिमा, साबी, नसीराबाद, डेरा बुगती, मस्तंग, क्वेटा, नुश्की, ज़मरान, दश्त, सोराब, झाल मगसी, दलबंदिन, खारान, वाशक और कलात तक फैला रहा, जहां कुल 65 हमले किए गए।
प्रवक्ता के अनुसार, इन कार्रवाइयों में न केवल सैन्य काफिलों और शिविरों को निशाना बनाया गया, बल्कि हवाई अड्डों, रडार सिस्टम, संचार टावर, रेलवे ट्रैक, पुलों और गैस पाइपलाइनों को भी क्षति पहुंचाई गई।
बीएलए (BLA) ने यह भी स्वीकार किया कि पंजगुर और ज़मरान में हुई झड़पों के दौरान उसके छह लड़ाके भी मारे गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटनाक्रम ने क्षेत्र में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है और बलोचिस्तान (Balochistan) में जारी लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।


