The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दक्षिण लेबनान (South Lebnon) से चिंताजनक खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया और सरकारी सूत्रों ने आरोप लगाया है कि हालिया हवाई हमले में इजराइल ने फॉस्फोरस आधारित हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला अयनाता क्षेत्र में हुआ, जहां विस्फोट के बाद व्यापक स्तर पर घना सफेद धुआं फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने सांस लेने में दिक्कत और आंखों में तेज जलन जैसी समस्याओं की शिकायत की है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि, Israel की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि फॉस्फोरस युक्त हथियार अत्यधिक तापमान पैदा करते हैं और इनके कण हवा में फैलकर गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे तत्व त्वचा को झुलसा सकते हैं और श्वसन तंत्र पर गहरा प्रभाव डालते हैं, जिससे इनके उपयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता जताई जाती रही है।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत घनी आबादी वाले इलाकों में इस प्रकार के हथियारों के इस्तेमाल को लेकर सख्त मानक निर्धारित हैं। ऐसे में इस घटना ने युद्ध के तौर-तरीकों और नागरिक सुरक्षा को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।
क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच इस तरह के आरोपों से स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि वैश्विक समुदाय पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।



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