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Middle East Crisis: Iran के परमाणु संयंत्र चक्रण पर हमला

The live ink desk.  पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अपने परमाणु ईंधन चक्रण केंद्र पर हमले की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन के अनुसार मध्य ईरान के यज्द प्रांत स्थित अर्दाकान में ‘शाहिद रजाई नेजाद’ (येलोकेक उत्पादन) सुविधा को निशाना बनाया गया।

यह संयंत्र यूरेनियम अयस्क को येलोकेक में बदलने वाली अहम इकाई है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 60 टन यूरेनियम ऑक्साइड बताई जाती है। संगठन ने इस हमले को शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन बताया, हालांकि नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

क्षेत्र में हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया तो ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। व्हाइट हाउस की ओर से भी संकेत दिए गए कि बातचीत में प्रगति न होने पर कड़े सैन्य विकल्प अपनाए जा सकते हैं। इस बीच ईरान ने ऐसी चेतावनियों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही है।

इसी क्रम में इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने तेहरान सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर हमलों का दावा किया है, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकाने, मिसाइल साइटें और पेट्रोकेमिकल संयंत्र शामिल बताए गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजधानी तेहरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई विस्फोट सुने गए, जबकि हालिया हमलों में दर्जनों लोगों के मारे जाने की भी खबर है। उधर, ईरान की ओर से भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई जारी रहने की सूचना है।

तनाव के इस माहौल में ईरान के भीतर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार से जुड़े अधिकारियों ने नागरिकों से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जुटने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े जोखिम, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर व्यापक असर डाल सकते हैं, जिससे यह टकराव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर रूप ले सकता है।

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